May 12, 2025
कण-कण में विष्णु बसें जन जन में श्रीराम, प्राणों में मां जानकी मन में बसे हनुमान।
हनुमान है नाम महान, हनुमान करे बेड़ा पार, जो जपता है नाम हनुमान, होते सब दिन उसके एक समान। बड़े मंगल की शुभकामनाएं!
हनुमान तुम बिन राम हैं अधूरे करते तुम भक्तों के सपने पूरे माँ अंजनी के तुम हो राजदुलारे राम-सीता को लगते सबसे प्यारे।
भूत पिशाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे नासाये रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमत वीरा पहले बड़ा मंगल की शुभकामनाएं!
सब सुख लहै तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहू को डरना।
जात पवनसुत देवन्ह देखा। जानैं कहुँ बल बुद्धि बिसेषा॥ सुरसा नाम अहिन्ह कै माता। पठइन्हि आइ कही तेहिं बाता॥
जेहिं गिरि चरन देइ हनुमंता, चलेउ सो गा पाताल तुरंता॥ जिमि अमोघ रघुपति कर बाना, एही भाँति चलेउ हनुमाना॥
जामवंत के बचन सुहाए, सुनि हनुमंत हृदय अति भाए॥ तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई, सहि दुख कंद मूल फल खाई ॥ पहले बड़े मंगल की बधाई
क्या बुद्ध पूर्णिमा पर खरीदनी चाहिए महात्मा बुद्ध की प्रतिमा? शुभ या अशुभ