May 05, 2024
क्रैनबेरी में प्रोएन्थोसाइनिडिन नामक यौगिक होते हैं। ये बैक्टीरिया को मूत्र पथ की दीवारों पर चिपकने से रोक सकते हैं, जिससे यूटीआई का खतरा कम हो जाता है। ऐसे में आप करौंदे का जूस पी सकते हैं।
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अपनी बॉडी को हमेशा हाइड्रेटेड रखें, इससे आप स्वाभाविक रूप से एजिंग के लक्षणों को कम कर सकते हैं।
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आप धनिये के बीजों का सूप बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं। ये भी पाचन को बेहतर कर, वेट लॉस में असर दिखा सकता है।
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प्रोबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया हैं जो आंत और मूत्र पथ में माइक्रोऑर्गेनिज्म का स्वस्थ संतुलन बनाए रखते हैं, जिससे भी यूटीआई का खतरा कम हो जाता है। ऐसे में आप दही का सेवन कर सकते हैं। दही एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक है।
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ब्लूबेरी में एंथोसायनिन नामक यौगिक होते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी गुण होते हैं। नियमित रूप से ब्लूबेरी खाने से मूत्र पथ में सूजन को कम करने और बैक्टीरिया के विकास को रोकने में मदद मिल सकती है, जिससे यूटीआई का खतरा कम हो जाता है।
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हल्दी में करक्यूमिन होता है जिसमें शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और रोगाणुरोधी गुण होते हैं। ऐसे में हल्दी वाली चाय पीने से मूत्र पथ में सूजन को कम करने और प्रतिरक्षा समारोह में सुधार करने में मदद मिल सकती है।
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ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है, जो लिवर की कार्यप्रणाली में सुधार करते हैं और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
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इन सब के अलावा अच्छी स्वच्छता की आदतें अपनाने से यूटीआई को रोकने में मदद मिल सकती है। हमेशा साफ-सुथरे वॉशरूम का ही इस्तेमाल करें, साथ ही समय-समय पर पानी पीना बिल्कुल ना भूलें। अगर आप लंबे समय तक पेशाब को रोक कर रखते हैं, तो इससे ये समस्या अधिक बढ़ सकती है।
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