Aug 04, 2025

जब बच्चा दुखी हो तो कहें ये 10 बातें, तुरंत होगा असर, गहरा होगा रिश्ता

Archana Keshri

बच्चों की परवरिश में सबसे अहम बात होती है—उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें ये यकीन दिलाना कि चाहे कुछ भी हो जाए, उनके माता-पिता हमेशा उनके साथ हैं। कई बार बच्चे जब मुश्किल समय से गुजरते हैं, तो वे डर, गुस्से या उदासी में चुप हो जाते हैं।

ऐसे वक्त में सही शब्दों का चयन करना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि बच्चे के दिल तक पहुंचने वाला हर वाक्य उसका मनोबल बढ़ा सकता है या गिरा सकता है। अगर उन्हें सही शब्दों से सहारा दिया जाए, तो वे खुलकर अपनी भावनाएं जाहिर कर सकते हैं और माता-पिता से बेहतर जुड़ाव महसूस करते हैं।

यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं ऐसे 10 जादुई वाक्य, जो न सिर्फ आपके और बच्चे के बीच संवाद को बेहतर बनाएंगे, बल्कि मुश्किल समय में उसे मानसिक तौर पर संभालने में भी मदद करेंगे।

"मैं नाराज नहीं हूं, मैं तुम्हारी मदद करने के लिए यहां हूं।"

जब बच्चा कोई गलती करता है, तो वह अक्सर अकेला महसूस करता है और डर जाता है कि माता-पिता उससे नाराज होंगे। यह वाक्य बच्चे को यह भरोसा दिलाता है कि आप उसके साथ हैं, उसे सजा नहीं दे रहे, बल्कि उसकी मदद करना चाहते हैं।

"मुझे पता है ये समय मुश्किल है, लेकिन हम मिलकर इसे सुलझा लेंगे।"

यह वाक्य बच्चे को यह अहसास देता है कि वह अकेला नहीं है। माता-पिता हमेशा उसके साथ हैं और हर समस्या का समाधान साथ में मिलेगा।

"उदास होना गलत नहीं है। हम सब कभी-कभी ऐसे महसूस करते हैं।"

इस वाक्य से बच्चे को अपनी भावनाओं को स्वीकार करने और उन्हें छिपाने की बजाय महसूस करने की सीख मिलती है। वह समझ पाता है कि उदास होना सामान्य बात है।

"चलो ड्राइंग बनाते हैं— अगर तुम चाहो तो बस अपनी भावनाएं उकेरो, बोलने की जरूरत नहीं।"

हर बच्चा अपने दिल की बात शब्दों में नहीं कह सकता। कला या क्रिएटिव तरीका उन्हें खुद को जाहिर करने का सरल माध्यम देता है। यह तरीका उन्हें मन की उलझनों को समझने और शांत होने में मदद करता है।

"क्या तुम मुझे बता सकते हो कि तुम्हें क्या तकलीफ हो रही है?"

इस सवाल से बच्चा खुलकर बात करने को प्रेरित होता है, और उसे यह लगता है कि उसकी बातें सुनी जा रही हैं।

"क्या तुम्हें एक हग चाहिए या थोड़ी देर अकेले रहना चाहोगे?"

इस वाक्य से आप बच्चे को यह विकल्प देते हैं कि वह किस तरह का सांत्वना चाहता है। इससे उसे नियंत्रण की भावना मिलती है। बच्चे को महसूस होता है कि उसकी इच्छाओं का सम्मान किया जा रहा है।

"ठीक होने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन मैं यहीं तुम्हारे साथ हूं।"

यह वाक्य बच्चे को धैर्य रखने और खुद को समझने का मौका देता है, साथ ही बताता है कि माता-पिता हमेशा उसके साथ हैं।

"कभी-कभी उदासी आती है, लेकिन ये हमेशा नहीं रहती।"

यह बात बच्चे को यह समझाने में मदद करती है कि कठिन भावनाएं स्थायी नहीं होतीं और वह उम्मीद नहीं खोता।

"तुम उदास हो सकते हो, पर मैं तुम्हें हमेशा प्यार करता हूं।"

बच्चे अक्सर यह सोच लेते हैं कि गुस्सा या उदासी में उन्हें कम प्यार मिलेगा। यह वाक्य उन्हें बिना शर्त प्रेम का एहसास कराता है।

"क्या हम साथ में थोड़ी देर के लिए एक शांत जगह पर बैठ सकते हैं?"

इस तरह की पहल दिखाती है कि आप उनके साथ हैं, लेकिन उन्हें उनकी स्पेस भी दे रहे हैं।

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