May 14, 2024

न टाटा, न अंबानी, जानिए भारत में सबसे ज्यादा जमीनें है किसके पास?

Archana Keshri

देश में जमीन खरीदना किसी सपने से कम नहीं है। भारत में जमीन की कीमतें हर दिन आसमान छू रही हैं। हर तरफ जमीनों की मारामारी मची हुई है। दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में तो गिनी-चुनी जमीनें ही बची है जिसे खरीदा जा सकता है।

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वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2030 तक भारत में रहने वाले लोगों के लिए आवास की कमी हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नागरिकों की आवास से जुड़ी जरूरत को पूरा करने के लिए 40 से 80 लाख हेक्टेयर एक्स्ट्रा लैंड की जरूरत पड़ सकती है।

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ऐसे में कई लोगों के लिए जमीन खरीदने का सपना सिर्फ सपना ही रह जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में सबसे ज्यादा जमीन का मालिक कौन है? चलिए जानते हैं कि भारत में सबसे बड़ा जमींदार कौन है।

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भारत सरकार

बता दें, भारत में सबसे ज्यादा जमीन भारत सरकार के पास है। गवर्नमेंट लैंड इनफॉरमेशन सिस्टम (GLIS) की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक फरवरी 2021 तक भारत सरकार करीब 15,531 स्क्वायर किलोमीटर जमीन की मालिक है।

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भारत सरकार के पास मौजूद ये जमीन 51 मंत्रालयों और 116 पब्लिक सेक्टर कंपनियों के पास है। इस जमीन में से सबसे ज्यादा जमीन भारतीय रेलवे के पास है। दूसरे नंबर पर रक्षा मंत्रालय, तीसरे पर कोयला मंत्रालय, चौथे पर ऊर्जा मंत्रालय, पांचवें पर भारी उद्योग और छठे पर शिपिंग है।

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कैथोलिक चर्च ऑफ इंडिया

बात करें भारत में जमीन का दूसरे सबसे बड़े मालिक की तो वह कैथोलिक चर्च ऑफ इंडिया है। यह देश भर में  हजारों चर्च, ट्रस्ट चैरिटेबल, सोसायटी, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल का संचालन करता है।

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दरअसल, 1972 में इंडियन चर्चेज एक्ट के बाद कैथोलिक चर्च को बड़े पैमाने पर जमीनें मिली थी।  इसकी नींव ब्रिटिश हुकूमत द्वारा ईसाई धर्म के प्रचार के लिए रखी गई थी। एक अनुमान के मुताबिक कैथोलिक चर्च की कुल जमीन की कीमत एक लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।

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वक्फ बोर्ड

भारत में जमीन का तीसरा सबसे बड़ा मालिक वक्फ बोर्ड है। वक्फ बोर्ड देशभर में हजारों मस्जिदों, मदरसों, कब्रिस्तानों आदि का संचालन करता है। दरअसल, वक्फ बोर्ड वह संस्था है जो दान की गई संपत्ति का रखरखाव करती है। इस्लाम के अनुयायी जब अपनी कोई चल या अचल संपत्ति जकात के रूप में दान करते हैं तो वह संपत्ति 'वक्फ' कहलाती है।

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जकात दिए जाने के बाद यह संपत्ति अल्लाह की संपत्ति मानी जाती है और इस पर किसी का मालिकाना हक नहीं होता। इस संपत्ति की देखरेख वक्फ बोर्ड करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वक्फ बोर्ड के पास 8 लाख से ज्यादा चल-अचल संपत्ति है।

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