उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की 28 मार्च की रात कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद मुख्तार को बांदा अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आपको जानकर हैरानी होगी कि माफिया मुख्तार अंसारी एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से था। उसके पिता सुभानुल्लाह अंसारी गाजीपुर की राजनीति में सक्रिय थे। भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी रिश्ते में उसके चाचा थे।
मुख्तार के दादा डॉक्टर मुख्तार अहमद अंसारी स्वतंत्रता सेनानी थे। वहीं, नाना ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को 1947 के युद्ध में शहादत के लिए महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
बात करें उसके बड़े बेटे अब्बास अंसारी की तो वह एक शॉट गन शूटिंग का इंटरनेशनल खिलाड़ी रह चुका है। दुनिया के टॉप 10 शूटरों में शामिल अब्बास नेशनल चैंपियन होने के साथ-साथ कई पदक जीतकर देश का नाम भी रोशन कर चुका है।
अब्बास ने 2011 में स्कीट शूटिंग से शुरुआत की थी। इसके बाद उसने जीवी मावलंकर चैंपियनशिप में जूनियर इवेंट में गोल्ड जीता था। 2012 में इंटरनेशनल चैंपियनशिप में स्कीट इवेंट का गोल्ड मेडल जीता।
2012 में ही जर्मनी और फिनलैंड में हुए जूनियर वर्ल्ड कप में अब्बास ने दुनिया के टॉप 10 स्कीट शूटर्स में जगह बनाई थी। मगर 2014 में एक सड़क हादसे के कारण अब्बास का खेल की दुनिया में करियर बनाने का सपना टूट गया।
इसके बाद अब्बास अंसारी ने राजनीति की दुनिया में कदम रखा। उसने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए मऊ से 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीता था।
लेकिन बाद में अब्बास ने भी अपने पिता की राह पकड़ ली। उसे मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के मामले में कुछ साल पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था।