Feb 06, 2024
भारतीय धर्म और संस्कृति में हाथी का बहुत ही महत्व है। ऐसा माना जाता है कि हाथी सौभाग्य और समृद्धि लाता है और इसे भगवान गणेश के रूप में पूजा भी जाता है।
Source: PETA India
वहीं, भारत के केरल राज्य के मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए हाथियों का उपयोग किया जाता है। हालांकि कई बार अनुष्ठान के दौरान या इससे पहले ये हाथी उग्र हो जाते हैं। जिसके चलते कई बार लोगों की जान चली जाती है।
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इसके अलावा इन हाथियों की देखभाल पर काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। ऐसे में यहां के एक मंदिर ने पिछले साल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए हाथियों का इस्तेमाल बंद करने का फैसला किया था।
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इस मंदिर का नाम है इरिंजादपिल्ली श्री कृष्ण मंदिर दो केरल के त्रिशूर जिले में स्थित है। हालांकि अब इस मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों के लिए रोबोट हाथी का उपयोग किया जाता है।
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यह देश का पहला ऐसा मंदिर है जो रोबोट हाथी का उपयोग करता है। इस हाथी को पेटा इंडिया ने एक्ट्रेस पार्वती थिरुवोथु के साथ मिलकर पिछले साल फरवरी में ही मंदिर समिति को भेंट किया था।
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10.5 फीट ऊंचा और 800 किलोग्राम वजन वाला ये रोबोटिक हाथी रबर कोटिंग वाले लोहे के फ्रेम का इस्तेमाल करके बनाया गया है। इस रोबोटिक हाथी का नाम 'इरिन्जादप्पिल्ली रमन' रखा गया है।
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यह रोबोटिक हाथी एक असली हाथी की तरह ही अपनी पूंछ और कान हिला सकता है। महावत द्वारा स्विच ऑन ऑफ करने पर यह अपनी सूंड से पानी भी उगल सकता है।
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इन सभी कामों के लिए रोबोट हाथी के अंदर इलेक्ट्रिक मोटर लगाई गई है। इसे बनाने में 5 लाख रुपये की लागत आई है। इस हाथी पर चार लोग बैठ सकते हैं।
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केरल के बाद अब तमिलनाडु के भी एक मंदिर में इसी साल रोबोटिक हाथी तैनात किया गया है। गुडलुर के श्री शंकर कोविल मंदिर में तैनात इस हाथी का नाम 'शिव शंकर हरिहरन' रखा गया है।
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