Feb 06, 2024
ताजमहल में हर साल मुगल बादशाह शाहजहां की बरसी मनाई जाती है जिसे 'उर्स' कहा जाता है। इस साल शाहजहां के 369वां उर्स का आयोजन 6 फरवरी से लेकर 8 फरवरी तक किया जा रहा है।
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उर्स के मौके पर ताज महल का तहखाना खोला जाता है जिसमें मुमताज और शाहजहां की कब्रें हैं।
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इस दौरान वहां जाने वाले लोगों को असली कब्र देखने का मौका भी मिलता है। बता दें, पूरे साल आम लोगों को इन कब्रों तक जाने की इजाजत नहीं होती है।
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अगर आप भी ताज महल में शाहजहां और मुमताज की असली कब्रें देखना चाहते हैं तो 6 से 8 फरवरी तक इन्हें देख सकते हैं।
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उर्स के मौके पर ताज महल में कई तरह के कार्यक्रम होते हैं। पहले दिन 'ग़ुस्ल' समारोह होता है जिसमें विभिन्न रस्म और प्रार्थनाओं को करने से पहले पूरे शरीर को शुद्ध करना शामिल होता है।
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दूसरे दिन में मिलाद शरीफ, कब्रों पर चंदन लगाने की परंपरा और कव्वाली का आयोजन होता है।
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आखिरी दिन चादर पोशी की रस्म अदा की जाती है यानि ताजमहल के तहखाने में मौजूद शाहजहां और मुमताज की कब्र पर चादर चढ़ाई जाती है।
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वहीं, शाम को लंगर बांटा जाता है और मुख्य मकबरे पर फातिहा के साथ उर्स का समापन होता है।
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