भारत में इन 8 जानवरों को आप नहीं बना सकते पालतू, जानिए वजह

भारत में कई तरह के जानवर घरों में रहते हैं, जिन्हें हम पालतू जानवर कहते हैं। इनमें कुत्ता, बिल्ली या फिर गाय-भैंस जैसे जानवर शामिल होते हैं। कुछ लोग इन्हें प्यारे से साथी के रूप में पालते हैं तो कुछ इसलिए क्योंकि वे एनिमल लवर हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ जानवरों को पालतू बनाना गैरकानूनी है?

भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) के तहत कई जानवरों को प्रोटेक्शन प्रदान किया गया है और इन्हें पालना बैन है। चलिए जानते हैं ऐसे 8 जानवरों के बारे में, जिन्हें भारत में पालतू बनाना प्रतिबंधित है।

Orangutans

ओरंगउटान एंडेंजर्ड एनिमल्स में शामिल हैं और दक्षिण एशिया के रेनफॉरेस्ट में पाए जाते हैं। इन्हें पालतू बनाने पर प्रतिबंध है, ताकि उनका प्राकृतिक आवास संरक्षित रहे।

Lions

शेर जंगल का राजा है और इसे पालतू बनाना न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि गैरकानूनी भी है। शेरों की घटती आबादी को ध्यान में रखते हुए भारत में इन्हें प्रोटेक्शन प्रोवाइड किया गया है।

Blackbuck

काला हिरण भारतीय संस्कृति और वन्यजीव का अहम हिस्सा है। यह प्रोटेक्टेड स्पीशीज है और इसे पालतू बनाना प्रतिबंधित है। काले हिरण का शिकार और अवैध व्यापार वन्यजीव संरक्षण के लिए बड़ी चुनौती है।

Tigers

बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है और एंडेंजर्ड एनिमल्स में शामिल है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत बाघों को पालने की सख्त मनाही है। यह प्रतिबंध इनके शिकार और अवैध व्यापार को रोकने के लिए लगाया गया है।

Sloth Bear

भालू को पालतू बनाना न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि यह इनकी सुरक्षा और प्राकृतिक जीवन के लिए भी हानिकारक है। भारत में स्लॉथ भालू को प्रोटेक्शन प्रोवाइड किया गया है और इन्हें पालतू बनाना गैरकानूनी है।

Red Panda

लाल पांडा बेहद रेयर और एंडेंजर्ड स्पीशीज में से एक है। यह हिमालयी क्षेत्र का निवासी है और इसका प्राकृतिक आवास धीरे-धीरे नष्ट हो रहा है। इसे पालना भारत में सख्ती से प्रतिबंधित है, ताकि इसकी आबादी को बचाया जा सके।

Crocodiles

मगरमच्छ एक खतरनाक शिकारी और जलीय जीवन का अहम हिस्सा हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मगरमच्छों को पालतू बनाना बैन है। यह प्रतिबंध उनके संरक्षण और इंसानों की सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी है।

Pangolins

पैंगोलिंस दुनिया में सबसे ज्यादा तस्करी किए जाने वाले जानवरों में से एक है। भारत में यह एंडेंजर्ड स्पीशीज है और इन्हें पालतू बनाना सख्ती से मना है। इनका संरक्षण उनकी घटती आबादी को बचाने के लिए जरूरी है।