कच्चे पपीते के बीजों में एंटी-अमीबिक और एंथेलमिंटिक गुण होते हैं, जो बिना किसी दुष्प्रभाव के पेट के कीड़ों को खत्म करने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए आप पपीते के बीज सहित इसका रस बनाकर उसमें थोड़ी मात्रा में शहद मिलाकर पी सकते हैं।
इन्हीं में से एक फल है पपीता। पपीता एक ऐसा फल है जो न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि यह सेहत को भी खूब फायदे देता हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि पपीते के पत्ते भी कई बीमारियों का इलाज कर सकते हैं।
पपीते की पत्तियां औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। इसमें विटामिन ए, सी, के, बी सहित अनगिनत पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद हैं।
पपीते के पत्तों का इस्तेमाल डेंगू के लक्षणों को कम करने के लिए किया जा सकता है। डेंगू के दौरान खून में प्लेटलेट काउंट कम हो जाता है। ऐसे में अगर आप पपीते के पत्तों से बना जूस पीते हैं तो प्लेटलेट काउंट बढ़ने लगता है।
पपीते की पत्तियों से बना जूस खून में मौजूद पैरासाइट्स को खत्म करने का काम करता है, जिससे मलेरिया की रोकथाम में मदद मिल सकती है।
इन पत्तों में फाइबर और पपेन नामक कम्पाउंड मौजूद होते हैं, जो डाइजेशन सिस्टम को सही रखने में मदद करते हैं। इसके साथ ही ये पेट से संबंधित समस्याएं जैसे गैस और ब्लोटिंग के लक्षणों को कम कर सकता है।
पपीते की पत्तियों से बना जूस कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करके खून को साफ करता है और पीलिया-सिरोसिस जैसी लीवर की समस्याओं को रोकने में मदद करता है।
पपीते के पत्तों में कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं जो इम्यूनिटी बूस्ट करके कई तरह के कैंसर के सेल्स को बनने से रोकते हैं। इसके अलावा यह कई तरह की बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है।
पपीते के पत्ते चबाने से स्किन हेल्दी होती है। इसमें मौजूद विटामिन सी और ई न सिर्फ त्वचा को अल्ट्रा वॉयलट किरणों से बचाते हैं बल्कि झुर्रियां दूर करने में भी मदद करते हैं।
पपीते की पत्तियों के सेवन से शरीर में ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखा जा सकता है। दरअसल, इसमें फ्लेवोनोइड्स होते हैं जो नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट होते हैं।