गिलोय एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जो कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है। यह इम्युनिटी बूस्टर, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल, और एंटी-वायरल गुणों से भरपूर है। इसका तना, जड़, पत्ते हर एक चीज में औषधिय गुण पाएं जाते हैं।
- गिलोय रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और बुखार को कम करने और जुकाम से बचाव करने में मदद करता है।
- यह आपके शरीर में मौजूद गंदगी को भी बाहर निकालता है, जिससे आपका खून साफ रहता है।
- इसके अलावा यह पीलिया, गठिया, डायबिटीज, कब्ज, एसिडिटी, अपच, मूत्र संबंधी रोगों में भी आराम दिलाता है।
आप गिलोय का सेवन 3 तरीके से कर सकते हैं। इसको आप जूस, काढ़ा और पाउडर के रूप में ले सकते हैं।
- अगर आप अपनी इम्यूनिटी बूस्ट करना चाहते हैं तो रोजाना इसका सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा हमेशा जवां बने रहने के लिए भी गिलोय का सेवन किया जाता है।
- अगर आपको बुखार हैं तो इसका काढ़े का सेवन कर सकते हैं। गिलोय में एंटीपायरेटिक गुण होते हैं जो बुखार को कम करने में मदद करते हैं।
- गिलोय पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे आप कब्ज और पेट की दूसरी समस्याओं से बचे रह सकते हैं।
- अगर डेंगू के कारण आपके प्लेटलेट्स कम हो गए हैं तो आप इसका सेवन करके इन्हें आसानी से बढ़ा सकते हैं। इसके लिए दिन में दो बार गिलोय का जूस पिएं।
- शुगर कंट्रोल और काफी दिनों से आ रही खांसी से राहत दिलाने के लिए गिलोय का रजूस, काढ़े और चूर्ण बहुत फायदेमंद होगा।