Apr 23, 2024
चाहे 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के 'सरदार खान' हो या फिर 'सत्या' के 'भीखू म्हात्रे' परदे पर जब भी मनोज बाजपेयी आए अपने किरदार पर खरे उतरे। आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे मनोज बाजपेयी ने यहां तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष किया है।
Source: @Manoj Bajpayee/FB
अभिनेता से जुड़ा एक किस्सा ये है कि उन्हें बॉलीवुड के एक मशहूर डायरेक्टर 5 साल से खोज रहे थे। उनसे मिलने के बाद मनोज की किस्मत बदल गई थी।
ये किस्सा तब का है जब मनोज बाजपेयी को बड़ी मुश्किल से टीवी शो 'स्वाभिमान' में काम मिला था। कुछ समय बाद अभिनेता ने सोच लिया था कि वो फिल्म इंडस्ट्री छोड़ देंगे। इस शो में उनकी एक्टिंग से महेश भट्ट काफी प्रभावित हुए थे।
उन्हें जब पता चला कि मनोज बाजपेयी इंडस्ट्री छोड़ने वाले हैं तो उन्होंने कहा कि, तुम थोड़ा और इंतजार कर लो। तुम एक बेहतरीन एक्टर हो जो इस शहर और सिनेमा के लिए बना है। जल्द ही तुम्हारा ये संघर्ष खत्म हो जाएगा।
उनकी ये बात सही साबित हुई। फिल्म 'दौड़' के मनोज वाजपेयी भी हिस्सा थे। फिल्म की शूटिंग चल रही थी और इसी दौरान उनकी मुलाकात राम गोपाल वर्मा से हुई।
मनोज बाजपेयी को राम गोपाल वर्मा 5 साल से ढूंढ रहे थे। इस दौरान जब उन्हें पता चला कि 'बैंडिट क्वीन' में मानसिंह का रोल मनोज ने ही निभाया था तो वो कुर्सी से उठ गए थे। राम गोपाल ने कहा कि वो अभिनेता के साथ एक फिल्म बनाना चाहते हैं।
इसके बाद राम गोपाल वर्मा ने साल 1998 में आई फिल्म 'सत्ता' में मनोज बाजपेयी को कास्ट किया। इसी फिल्म से मनोज बाजपेयी मशहूर हुए थे।
फिल्म में मनोज बाजपेयी ने 'भीखू म्हात्रे' का किरदार निभाया था जिसे लोग आज भी याद करते हैं। ये उनकी बेहतरीन फिल्मों में से एक है।
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