Feb 26, 2024

Pankaj Udhas अपने पीछे छोड़ गए इतनी संपत्ति, पहले गाने के मिले थे 51 रुपये

Vivek Yadav

ये थी बीमारी

मशहूर गजल गायक पंकज उधास ने 73 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। मीडिया रपोर्ट्स की मानें तो वो लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे।

Source: @Pankaj Udhas/FB

गजलें और गानें

साल 1951 में जन्में पंकज उदास ने एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए। उनकी गजलें और गानें आज भी लोगों की जुबान पर गुनगुनाते हुए सुना जा सकता है।

भाई ने पहचाना था टैलेंट

पंकज उधास 7 साल की ही उम्र से गाने लगे थे। उनके इस टैलेंट को उनके भाई ने पहचाना था जिसके बाद उन्होंने पंकज उधास को गाने के लिए प्रेरित किया और जब भी किसी कार्यक्रम में जाते तो उन्हें भी साथ ले जाते।

पहला ईनाम सिर्फ 51 रुपये

पंकज उधास को पहले गाने के लिए इनाम के तौर पर सिर्फ 51 रुपये मिले थे। उन्होंने एक स्टेज शो के दौरान लता मंगेशकर के गाने 'ऐ वतन के लोगों' को गाया था।

सिंगिंग की दुनिया में कदम

लता मंगेशकर के इस गाने को उन्होंने भारत-चीन युद्ध के दौरान गाया था। उनकी आवाज को लोगों ने खूब पसंद किया। इसी के बाद उन्होंने सिंगिंग और गजल की दुनिया में कदम रखा था।

म्यूजिक इंडस्ट्री में तहलका

पंकज उधास को सबसे ज्यादा लोकप्रियता सुपरहिट गजल 'चांदी जैसा रंग है तेरा' से मिली। इस गाने से उन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया था।

संपत्ति

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पंकज उधास अपने पीछे करीब 25 करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ गए हैं। उनकी एक बेटी रेवा उधास हैं और उनके बेटे का नाम नायाब उधास है।

मशहूर गजलें

पंकज उधास की 'चांदी जैसा रंग है तेरा', 'आदमी खिलौना है', 'जीए तो जीए कैसे', 'न कजरे की धार', 'मत कर इतना गुरूर' और 'रिश्ता तेरा मेरा' जैसी कई और मशहूर गजलें हैं।

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