आज भी जिंदा हैं जगजीत सिंह की ये गजलें...

Feb 08, 2023 gunjansharma

मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो, मेरी तरह....

होंठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो...

चिट्ठी न कोई संदेश, जाने वो कौनसा देश....

झुकी-झुकी सी नजर...

तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो, क्या गम है जिसको छुपा रहे हो...

तुमको देखा तो ये ख्याल आया....