90 के दशक की बेहतरीन एक्ट्रेस मधु शाह ने इंटीमेट सीन को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि बोल्ड सीन करने से उन्हें हमेशा ही परहेज रहा है।
मधु शाह ने बताया कि फिल्मों में उनकी इमेज घरेलू वाली रही है। उनकी परवरिश भी ऐसी हुई है, जिसकी वजह से वह बोल्ड सीन्स नहीं कर पाईं।
दरअसल, मधु ने न्यूज 18 से बात की और बताया कि खिलाफत के बाद भी उन्हें को-एक्टर के साथ किसिंग सीन करना पड़ा था।
किसिंग सीन को लेकर उनका कहना था कि ये उस तरह की किस नहीं थी, जैसा कि आजकल फिल्मों में देखते हैं। इस सीन में उन्हें केवल होठों को टच करना था।
मधु ने बताया कि लेकिन फिर भी उन्हें बहुत बुरा लगा था। उन्हें पहले इसके बारे में बताया नहीं गया था। जब बताया गया तो मेकर्स उन्हें दूसरी तरफ ले गए और फिर समझाया कि क्यों जरूरी है।
मेकर्स के कहने पर मधु शाह मान गई थी लेकिन, इसे वह खुद के लिए सबसे भयानक एक्सपीरियंस बताती हैं। यह उनके लिए अविश्वसनीय था।
उन्होंने बताया कि साल 1996 में आई फिल्म 'फायर' में शबाना आजमी और नंदिता दास ने लेस्बियन लवर्स की भूमिका ने उनकी धारणा बदल दी थी।
एक्ट्रेस ने कहा कि उनको नहीं लगता है कि वह आज भी ये कर सकती हैं। वह उन लोगों की सराहना करती हैं, जो फिल्मों में सिर मुंडवा सकते हैं और लेस्बियन की भूमिका निभा सकते हैं।