Feb 09, 2024

जानिए क्यों कोर्ट में पहुंचा बटर चिकन का मामला?

Archana Keshri

दुनिया भर में मशहूर भारत के सबसे मशहूर व्यंजनों में से एक बटर चिकन और दाल मखनी को लेकर इन दिनों दिल्ली हाई कोर्ट में जंग छिड़ी हुई है। ये लड़ाई मोती महल और दरियागंज रेस्टोरेंट के बीच शुरू हुई है।

Source: freepik

ये विवाद तब शुरू हुआ जब दरियागंज रेस्टोरेंट ने अपने टैगलाइन में बटर चिकन और दाल मखनी को अपनी डिश बताया था।

Source: freepik

इस बात पर मोती महल ने आपत्ति जाहिर की और उन्होंने मुकदमा दर्ज करा दिया। मोती महल की FIR के अनुसार दरियागंज ने खुद को बटर चिकन और दाल मखनी का आविष्कार करने वाला बताया था।

Source: freepik

मोती महल के अनुसार दरियागंज रेस्टोरेंट लोगों को गुमराह कर रहा है। इसके साथ ही मोती महल का आरोप है कि दरियागंज रेस्तरां दोनों रेस्तरांओं के बीच कनेक्‍शन होने की बात कहकर भ्रम फैला रहा है।

Source: freepik

इस मामले को लेकर 16 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने दरियागंज रेस्टोरेंट को समन भेजा है और इस पर लिखित जवाब देने को कहा है।

Source: freepik

बार एंड बेंच के अनुसार, मोती महल के मालिकों का दावा है कि उनके पूर्वज स्वर्गीय कुंडल लाल गुजराल ने पहली बार बटर चिकन बनाया था।

Source: freepik

उन्होंने कहा कि कुंदल गुजराल ने बटर चिकन और दाल मखनी के अलावा तंदूरी चिकन का भीआविष्कार किया था और वह विभाजन के बाद इसे भारत लाए थे।

Source: pexels

वहीं, गुजराल परिवार ने इस मामले पर हर्जाने के रूप में 240000 डॉलर यानी लगभग 20 करोड़ रुपये की मांग की है। दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई मई में करेगा।

Source: freepik

जानिए किस कारण महात्मा गांधी को नहीं दिया गया भारत रत्न