Jan 29, 2026

Union Budget 2026-27: बजट में क्या होता है लॉक-इन पीरियड?

Archana Keshri

हर साल जब केंद्रीय बजट पेश होने का वक्त नजदीक आता है, तो एक शब्द बार-बार सुनाई देता है- लॉक-इन पीरियड (Lock-In Period)। यह वह गोपनीय समय होता है, जब बजट से जुड़े अधिकारियों को पूरी तरह बाहरी दुनिया से अलग कर दिया जाता है, ताकि बजट की कोई भी जानकारी लीक न हो सके।

Source: express-archives

क्या होता है लॉक-इन पीरियड?

लॉक-इन पीरियड वह अवधि है, जिसके दौरान वित्त मंत्रालय के चुनिंदा अधिकारी और कर्मचारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं। इस दौरान उन्हें न तो बाहर जाने की अनुमति होती है और न ही किसी से संपर्क करने की। मोबाइल फोन, इंटरनेट और अन्य संचार साधनों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है।

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यह व्यवस्था इसलिए की जाती है ताकि बजट से जुड़ी सेंसिटिव इनफार्मेशन समय से पहले सार्वजनिक न हों, क्योंकि इससे शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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हलवा सेरेमनी से होती है लॉक-इन की शुरुआत

लॉक-इन पीरियड की औपचारिक शुरुआत होती है हलवा सेरेमनी से। यह एक पुरानी परंपरा है, जो बजट की अंतिम तैयारी के चरण को दर्शाती है।

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भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत मिठाई से होती है, इसी परंपरा के तहत वित्त मंत्री सबसे पहले कढ़ाही में हलवा चलाती हैं और फिर इसे अधिकारियों में बांटा जाता है।

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यह संकेत होता है कि अब सभी नीतिगत फैसले और बजटीय आवंटन 'लॉक' हो चुके हैं।

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कौन-कौन होते हैं लॉक-इन में?

आमतौर पर 60 से 70 अधिकारी और कर्मचारी इस प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। इनमें वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, क्लर्क, टेक्निकल स्टाफ और पहले के समय में प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े कर्मचारी शामिल रहते थे।

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यह सेरेमनी इन सभी के लिए एक तरह का धन्यवाद और सम्मान भी होती है, जिन्होंने महीनों तक बजट तैयार करने में पर्दे के पीछे काम किया होता है।

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पहले लंबा होता था लॉक-इन पीरियड

पहले, जब बजट के दस्तावेज नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में स्थित प्रिंटिंग प्रेस में छपते थे (1980 से 2020 तक), तब लॉक-इन पीरियड 10 से 14 दिन तक चलता था। उस समय अधिकारियों को पूरी तरह 'क्वारंटीन' जैसी स्थिति में रखा जाता था।

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डिजिटल बजट से बदला सिस्टम

साल 2021 से बजट पूरी तरह डिजिटल फॉर्मेट में पेश किया जाने लगा। अब ज्यादातर दस्तावेज मोबाइल ऐप और ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए जारी किए जाते हैं। इस बदलाव के साथ ही लॉक-इन पीरियड भी छोटा हो गया और अब यह आमतौर पर 5 दिन का रह गया है।

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बजट 2026-27 और लॉक-इन पीरियड

केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले हलवा सेरेमनी 27 जनवरी 2026 को नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित की गई। इसके साथ ही अंतिम पांच दिवसीय लॉक-इन पीरियड शुरू हो गया। यह बजट रविवार, 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा।

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