वाट्सअप के दौर में पले-बढ़े बच्चे शायद ये ना जान पाए कि ख़त किस तरह प्रेमियों के लिए जरूरी होते थे… महबूब को चिट्ठी लिखकर प्रेम का इज़हार करना… फिर जवाब का इंतज़ार करना कितना हसीन होता था।
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वाट्सअप के दौर में पले-बढ़े बच्चे शायद ये ना जान पाए कि ख़त किस तरह प्रेमियों के लिए जरूरी होते थे… महबूब को चिट्ठी लिखकर प्रेम का इज़हार करना… फिर जवाब का इंतज़ार करना कितना हसीन होता था।