Neet Student Death: 18 साल की आकांक्षा ने दे दी जान, Rahul Gandhi- Arvind Kejriwal ने क्या कहा?

कृष्णा कुमार चतुर्वेदी पिछले दो दशक से नागपुर में कुक का काम करते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई पर भारी निवेश किया। “मेरी बेटी बहुत brilliant थी। हमने उसकी पढ़ाई के लिए 3 लाख रुपये का लोन लिया था। एग्जाम के बाद वो confident थी कि वो सिलेक्ट हो जाएगी,” टूटे हुए पिता ने बताया। आकांक्षा के चाचा दद्दी प्रसाद चतुर्वेदी कहते हैं कि एग्जाम कैंसिल होने के बाद वो परिवार से दूर हो गई थीं। “वो ठीक से खाना भी नहीं खाती थीं। लोगों से बात करना बंद कर दिया था। उसे यकीन हो गया था कि अगर इस बार नहीं निकला तो परिवार दूसरा अटेम्प्ट नहीं दे पाएगा।” परिवार के मुताबिक आकांक्षा सालों से NEET की तैयारी कर रही थी। कोचिंग और पढ़ाई का खर्च किसान क्रेडिट कार्ड से लिया गया लोन और रिश्तेदारों से उधार लेकर पूरा किया गया था। दद्दी प्रसाद कहते हैं, “उसे अपने पिता की हालत का पता था। पापा को कई बार हार्ट अटैक आ चुका है, इलाज पर भी बहुत पैसा खर्च हो चुका है। वो जानती थी कि परिवार पर कितना प्रेशर है।” 20 मई को आकांक्षा घर पर अकेली थीं। परिवार के बाकी सदस्य काम पर गए थे। लौटकर उन्होंने उन्हें मृत पाया। बाद में उनके शरीर का अंतिम संस्कार मध्य प्रदेश के मऊगंज में किया गया।

Neet Student Death : 18 वर्षीय NEET aspirant आकांक्षा ने 20 मई को नागपुर में आत्महत्या कर ली। पेपर लीक के कारण NEET-UG परीक्षा रद्द होने के बाद वो टूट गईं। वो कहती हैं “मम्मी-पापा, मुझे दोबारा एग्जाम देने का साहस नहीं रहा,” अपनी सुसाइड नोट में लिखा। पिता कुक हैं, परिवार ने 3 लाख का लोन लेकर उसकी कोचिंग कराई थी।

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