कौन थे रंगा-बिल्ला, जिनके ऊपर बनी है अली फजल नई की वेब सीरीज!

इसके बाद जो मुकदमा चला, वो लगभग चार साल तक जारी रहा। 16 नवंबर 1979 को दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों को हत्या, अपहरण, गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाना और यौन उत्पीड़न की मंशा से महिला का अपहरण करने जैसे गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया। दोनों को मौत की सजा सुनाई गई। हाई कोर्ट ने सजा को बरकरार रखते हुए जाँच के बारे में एक तीखी टिप्पणी भी दर्ज की गई कि अगर 26 अगस्त की शाम पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुँची जानकारी पर तुरंत कार्रवाई की गई होती, तो बच्चों की जानें बचाने की वास्तविक संभावना थी।

Ranga Billa Case: 26 अगस्त 1978… दिल्ली की एक शाम, जिसने पूरे देश का इतिहास बदल दिया।16 वर्षीय गीता चोपड़ा और 14 वर्षीय संजय चोपड़ा ऑल इंडिया रेडियो के एक कार्यक्रम में भाग लेने निकले थे। लेकिन रास्ते में मिली एक लिफ्ट उनकी ज़िंदगी की आख़िरी यात्रा साबित हुई। इस अपहरण और निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया। पुलिस की गंभीर चूक, राजनीतिक दबाव, बॉम्बे और दिल्ली पुलिस

की संयुक्त तलाश, और आखिरकार सेना के जवानों की सतर्कता से हुई रंगा और बिल्ला की गिरफ्तारी… यह मामला भारतीय अपराध इतिहास के सबसे चर्चित मामलों में गिना जाता है।

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