खुलासा: 35 दान पेटी और दो शिफ्ट में गिनती, फिर कैसे हुई राम मंदिर में करोड़ों की चोरी!

अयोध्या के राम मंदिर दान विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ कहा कि जिसके पास भी किसी तरह के सबूत हैं, वह उन्हें विशेष जांच दल (SIT) को सौंपे। योगी ने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा। और लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी इस मामले में अनर्गल बातें ना करे और बयानबाजी से बचें। कहा, हम लोगों के पूर्वजों ने 500 वर्षों तक प्रभु श्री राम के स्थान को लेने के लिए मर्यादित रहकर संघर्ष किया है, 15 दिन और देख लें, इंतजार करें। 15 दिन रिपोर्ट का इंतजार करें।

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में आने वाले करोड़ों रुपये के दान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नकदी की कथित चोरी, सोने-चांदी के आभूषणों की अदला-बदली और दान प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोपों ने राम मंदिर ट्रस्ट को सवालों के घेरे में ला दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जांच पूरी होने के बाद “दूध का

दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया है, जो दान प्रबंधन, रिकॉर्ड्स और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।

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