प्रियांक खरगे ने साफ किया कि वे आरएसएस पर बैन नहीं लगाना चाहते, बल्कि संगठन की कानूनी स्थिति, फंडिंग और कामकाज में पूरी पारदर्शिता चाहते हैं। दूसरी तरफ बीजेपी सांसद रमेश जिगजिनागी ने पूछा – “दलितों को आरएसएस से क्या लेना-देना?” और खरगे को चेतावनी दी कि आरएसएस से टकराने वाला कोई राजनीति में नहीं टिका। वीडियो में जानिए RSS Funding से जुड़ा विवाद क्या है?