केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त कर नया ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल, 2025’ पेश करने पर विपक्ष ने तीव्र विरोध जताया है। इस बिल में मनरेगा की जगह लेते हुए ग्रामीण परिवारों को 100 की बजाय 125 दिन रोजगार की गारंटी दी गई है, साथ ही फंडिंग में बदलाव कर केंद्र-राज्य अनुपात 60:40 कर
दिया गया है।विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, का मुख्य आरोप है कि महात्मा गांधी का नाम हटाना राष्ट्रपिता का अपमान है और मोदी सरकार का पाखंड दर्शाता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे भाजपा-आरएसएस की मनरेगा खत्म करने की साजिश बताया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूछा कि दुनिया के सबसे बड़े नेता गांधीजी का नाम हटाने की मंशा क्या है? शशि थरूर ने कहा कि ग्राम स्वराज और राम राज्य गांधीजी की चेतना के दो स्तंभ थे, नाम हटाना दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी ने इसे गांधीजी के आदर्शों का अपमान करार दिया। देखिये क्या बोला विपक्ष
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