Nasir Junaid Hatyakand: मुख्य आरोपी Monu Manesar को जमानत मिलने पर निराशा और डर, देखिये ये ग्राउंड रिपोर्ट

उनके गांव (गुरुग्राम, मानेसर) में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों, मालाओं और आतिशबाजी से जोरदार स्वागत किया।पीड़ित परिवार निराश और डर में है। नासिर के रिश्तेदार जमील अहमद ने कहा, "परिवार घबराया हुआ है, दुख बढ़ गया। डर है कि मोनू और उनके साथी गवाहों पर दबाव डाल सकते हैं या भविष्य में कुछ गलत कर सकते हैं।" प्रदर्शनकारियों ने नूंह-अलवर हाईवे जाम किया, गिरफ्तार बाकी आरोपियों की मांग की। पुलिस ने स्पेशल टीमें बनाई हैं।यह मामला लिंचिंग, हेट क्राइम और गौ रक्षा के नाम पर हिंसा के बड़े मुद्दे को उजागर करता है, जहां भारत में मॉब लिंचिंग को अलग अपराध नहीं माना जाता।

Nasir Junaid Hatyakand : नासिर-जुनैद हत्याकांड (फरवरी 2023) में मुख्य आरोपी मोनू मानेसर (मोहित यादव) को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 7-8 मार्च 2026 को भरतपुर की सेवर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। यह घटना हरियाणा के भिवानी जिले में हुई, जहां जुनैद (35) और उनके चचेरे भाई नासिर (27) की जली हुई बॉलेरो जीप में जले शव मिले थे। पुलिस ने इसे गौ तस्करी के

शक में गौ रक्षकों द्वारा अपहरण, मारपीट और हत्या का मामला माना। मोनू पर IPC की धाराओं के तहत अपहरण, गंभीर चोट पहुंचाने और गलत कैद का आरोप था।राजस्थान हाईकोर्ट (जस्टिस अनिल कुमार उपमन की बेंच) ने 5 मार्च को जमानत दी, क्योंकि मोनू ढाई साल से ज्यादा जेल में था और 74 गवाहों में से एक भी जांच नहीं हुई। रिहाई के बाद मोनू को बुलेटप्रूफ जैकेट में कड़ी सुरक्षा के साथ बाहर निकाला गया।

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