Mamata Banerjee Crisis: West Bengal की राजनीति में भूचाल, TMC Split से Nandigram तक पूरी कहानी

पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी को एक ही दिन में कई बड़े झटके लगे। चुनाव आयोग ने टीएमसी के पुराने नाम और ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दोनों गुटों को नए नाम और सिंबल आवंटित किए। ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ सिंबल मिला, जबकि बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘एनवेलप’ सिंबल दिया गया। इसके बाद नंदीग्राम उपचुनाव में ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया और इसे इंडिया अलायंस को मजबूत करने की दिशा में कदम बताया। लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद मिलन प्रधान को एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की टाइमिंग को लेकर ममता बनर्जी और कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए, जबकि बीजेपी ने राजनीतिक आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने कानून के मुताबिक कार्रवाई की।

Nandigram Assembly Bypoll 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी को एक ही दिन में कई बड़े झटके लगे। चुनाव आयोग ने टीएमसी के पुराने नाम और ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दोनों गुटों को नए नाम और सिंबल आवंटित किए। ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ सिंबल मिला, जबकि बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘एनवेलप’ सिंबल दिया गया।

इसके बाद नंदीग्राम उपचुनाव में ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया और इसे इंडिया अलायंस को मजबूत करने की दिशा में कदम बताया। लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद मिलन प्रधान को एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की टाइमिंग को लेकर ममता बनर्जी और कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए, जबकि बीजेपी ने राजनीतिक आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने कानून के मुताबिक कार्रवाई की।

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