नाशिक से मुंबई की तरफ पैदल चल पड़े थे हजारों आदिवासी किसान – लाल झंडे लहराते, थके हुए पैर, लेकिन हौसला बुलंद। सालों से वन अधिकार कानून का इंतजार, जंगल की जमीन पर खेती करने वालों को पट्टा नहीं मिला, पानी समंदर में बह जाता है जबकि सूखे इलाके तरसते हैं, नौकरी-शिक्षा-कृषि की मांगें अनसुनी। 25 जनवरी से शुरू हुआ ये लंबा मार्च सरकार को जगाने के लिए था। 27
… और पढ़ें