LIVE: म्यूनिख टाउनहॉल में न्यूक्लियर डील, मिसाइल और रेजीम चेंज पर टकराव

ट्रंप की ईरान नीति पर फोकस रहा, जहां ट्रंप ने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन "सबसे अच्छी बात" होगी और अगर न्यूक्लियर डील नहीं बनी तो "बहुत traumatic" परिणाम होंगे। अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर सख्त रुख अपनाया है, साथ ही IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित करने और प्रतिबंधों की बात हुई। ईरान के अधिकारियों को कॉन्फ्रेंस में आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि विपक्षी नेता मौजूद थे। बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुए, जहां "No Shah, No Mullah" के नारे लगे। यह सेशन ट्रंप के ईरान के साथ न्यूक्लियर नेगोशिएशंस, इजरायल के दबाव और क्षेत्रीय सुरक्षा के बीच तनाव को दर्शाता है।

म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस 2026 में ईरान पर टाउनहॉल सेशन एक महत्वपूर्ण चर्चा थी, जो 13 फरवरी 2026 को आयोजित हुई। इस सेशन का शीर्षक था “Breaking or Repeating the Cycle? Iran’s Next Chapter”। यह दो भागों में हुआ, जिसमें ईरान के भविष्य, मानवाधिकार, परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Deal), मिसाइल प्रोग्राम और ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर फोकस रहा। चर्चा में ईरान के मौजूदा शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों (2026 uprising), मानवाधिकार

उल्लंघनों, और रेजीम चेंज की संभावनाओं पर बात हुई। लिंडसे ग्राहम ने “Venezuela-style method” का जिक्र किया—रेजीम लीडरशिप हटाना लेकिन संरचनाएं बरकरार रखना।

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