Iran US News: अमेरिकी मिसाइलों का प्यासा कुआँ बना ईरान, ट्रंप पर नई मुसीबत?

पेंटागन की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की मिसाइलों का करीब आधा ज़खीरा ईरान के साथ खर्च हो चुका है.

अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन को अपने आंतरिक आंकलन में ये पता लगा है कि अमेरिका मिसाइल-तैयारी के मोर्चे पर सबसे गंभीर संकट खड़ा कर दिया है क्योंकि इस दौरान जिन हथियारों का इस्तेमाल हुआ था. उन्हें मुख्य रूप से चीन के साथ भविष्य में होने वाले किसी संघर्ष के लिए तैयार किया गया था, जो अब ईरान युद्ध में स्वाहा हो चुके हैं. पेंटागन की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक,

अमेरिका की मिसाइलों का करीब आधा ज़खीरा ईरान के साथ खर्च हो चुका है, जिसे चीन के साथ टकराव के लिए तैयार किया गया था. इस कमी से अमेरिका के मिडिल ईस्ट, यूरोप और हिंद प्रशांत महासागर में सैन्य वादे पर सवाल उठ गया है कि इस ज़खीरे की भरपाई से पहले अगर तनाव भड़का तो क्या अमेरिका अपने वादों को पूरा कर पाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की सटीक हमला करने वालीं करीब 45 फीसदी मिसाइलें खर्च हो चुकी हैं. करीब 50 फीसदी पेट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें, करीब 50 फीसदी THAAD इंटरसेप्टर मिसाइलें और 20-30 पर्सेंट टॉम हॉक मिसाइलों का ज़खीरा खत्म हो चुका.

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