Iran US Deal: मिडिल ईस्ट में खंडहर बने अमेरिकी सैन्य ठिकाने, मिडिल ईस्ट से भागेगी ट्रंप की फौज?

मिडिल ईस्ट में अमेरिका के करीब 19 सैन्य ठिकाने हैं. इन सभी पर करीब 40,000 से लेकर 50000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. इन सभी सैन्य ठिकानों में 8 स्थाई बेस हैं, जबकि 11 अन्य अस्थाई हैं.

ईरान अमेरिका डील के बीच अमेरिकी न्यूज़ एजेंसी दि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इसी कड़ी में एक और बड़ा खुलासा किया है. दि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सैटेलाइट से ली गईं कुछ नई तस्वीरें जारी की हैं. ये तस्वीरें बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के ठिकाने की हैं. दि वॉल स्ट्रीट जर्नल का कहना है कि ईरान के जवाब में बहरीन में अमेरिकी नौसेना का ठिकाना मिट्टी में

मिल चुका है. दि वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों में ये साफ दिख रहा है कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन्स ने इस सैन्य ठिकाने को कितने बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया. बता दें कि बहरीन में अमेरिका यह सैन्य ठिकाना ईरान के दक्षिणी तट से करीब 240 किलोमीटर दूर है. दशकों से यह मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नौसेना की ताकत का केंद्र रहा है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सैन्य ठिकानों की कुछ बिल्डिंग इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं कि उनका पुननिर्माण भी नहीं किया जा सकता. कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स को अंडरग्राउंड किया जा सकता है जबकि अन्य सैन्य क्षमताओं को पूरे इलाके में अधिक व्यापक रूप से फैलाया जा सकता है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए जिन जगहों पर विचार किया जा रहा है, इनमें इज़रायल का नाम भी शामिल है. बता दें कि दि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने पहले खबर दी थी कि सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि फारस की खाड़ी में अमेरिका के सैन्य अड्डे असुरक्षित हैं.

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