ईरान अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह खामनेई ने परमाणु मुद्दे पर झुकने से साफ इनकार कर दिया है. इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामनेई पर दबाव बनाने के लिए एक और दाव चला है. ट्रंप ने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड को मिडिल ईस्ट के लिए रवाना कर दिया है. ये जहाज इससे पहले वेनेजुएला में ऑपरेशन
के लिए तैनात किया गया था. और इससे भी खतरनाक बात ये है कि ये दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर है, जो मिडिल ईस्ट की तरफ बढ़ रहा है. आपको बता दें कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका का युद्धपोत अब्राह्म लिंकन और उसके साथ 10 अन्य मिसाइल डेस्ट्रॉयर पहले ही तैनात हैं. हालांकि, जानकारों का कहना है कि ट्रंप ने ये फैसला सिर्फ खामनेई पर दबाव डालने के लिए किया है. यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड स्ट्राइक ग्रुप कैरियर 24 जून 2025 में वर्जीनिया के तट पर था. लेकिन इसे कैरीबियन जल क्षेत्र में वेनेजुएला के लिए भेजा गया था. इस युद्धपोत ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को पकड़ने में हिस्सा लिया था. मार्च 2026 के अंत तक इसे अमेरिका वापस जाना था, लेकिन, ट्रंप के नए आदेश के बाद ये जहाज अप्रैल या मई 2025 तक ही अमेरिका वापस लौटेगा.
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