Indian Economic : क्या भारत की अर्थव्यवस्था पर एक बार फिर साल 1991 जैसा बड़ा संकट मंडरा रहा है? इस चर्चा ने तब तूल पकड़ा, जब खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से एक हैरान करने वाली अपील की। पीएम मोदी ने साफ कहा कि— ‘लोग अब सोना खरीदना कम करें और बहुत जरूरी न होने पर विदेश यात्राओं से बचें, ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) को
बचाया जा सके।’जो सरकार अभी तक भारत को सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बता रही थी, उसके मुखिया की इस अपील ने बड़े-बड़े अर्थशास्त्रियों को चौंका दिया है। दिग्गज एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि अगर इस वक्त थोड़ी सी भी लापरवाही हुई, तो भारतीय इकॉनमी धड़ाम से नीचे गिर जाएगी। हालात इतने गंभीर हैं कि देश को इस संकट से निकालने के लिए अब मोदी सरकार को ‘1991 के मनमोहन सिंह मॉडल’ की तरह कुछ बेहद कड़े और कड़वे फैसले लेने होंगे, वरना भारत फिर मंदी के दलदल में धंस जाएगा।’द इंडियन एक्सप्रेस’ (The Indian Express) की खोजी रिपोर्ट्स के अनुसार, मिडिल ईस्ट संकट के कारण कच्चे तेल और यूरिया की बढ़ती कीमतें और पड़ोसी देशों में हो रही खाद की महा-स्मगलिंग ने देश के खजाने को भारी चोट पहुंचाई है। डॉलर के मुकाबले हमारा रुपया भी लगातार रिकॉर्ड स्तर पर कमजोर हो रहा है।
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