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बिहार चुनाव: कैसे शिवन और शांति देवी ने बदल दी ‘मधुबनी पेंटिंग’ की परंपरा

Godna Art of Mithila: बिहार के मधुबनी के लहेरियागंज गांव में जन्मे शिवन लम्बे समय तक आर्थिक तंगी से जूझते रहे हैं. घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर भी उन्होंने पढ़ने की जिद कायम रखी और 10वीं की परीक्षा पास की. भीषण अकाल की चपेट में आने के बाद भारत सरकार ने मिथिला पेंटिंग का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए अभियान छेड़ा. नतीजा, दीवारों तक सिमटी यह कला कपड़ों

और कागजों पर नजर आने लगी. रामायण महाभारत और परंपरागत कहानियों के किरदारों तक सिमटी रहने वाली मिथिला की पेंटिंग्स को गोदना कला के जरिए चुनौती दी. इन्होंने इस धारणा तो भी तोड़ा कि यह कला कायस्थ और ब्रह्मण कलाकारों तक सीमित है. धीरे-धीरे इन्होंने अपनी गोदना पेंटिंग में दुसाध समुदाय के नायक राजा सहलेस को शामिल करना शुरू किया और इसे केंद्रीय किरदार बना दिया.

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