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गिग इकॉनमी पर Zomato-Swiggy राइडर्स का विरोध Raghav Chaddha बोले इंस्टेंट कॉमर्स के पीछे छिपा शोषण

Zomato, Swiggy, Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स के डिलीवरी राइडर्स से की गई बातचीत कोई शिकायत नहीं, बल्कि उन मेहनती लोगों की कहानी है जो हमारी रोज़ाना की सुविधाओं को संभव बनाते हैं। यह दुखद है कि लाखों राइडर्स, जिनकी मेहनत से ये कंपनियाँ बनीं, अब अपनी आवाज़ सुनाने के लिए विरोध करने को मजबूर हैं। एल्गोरिदम से ज्यादा मानवीय पसीने ने इन्हें सफल बनाया है। कंपनियों को राइडर्स को इंसान मानकर सम्मान देना चाहिए, न कि इस्तेमाल कर फेंकने वाली चीज़। गिग इकोनॉमी को शोषण की अर्थव्यवस्था नहीं बनने देना चाहिए।

Zomato, Swiggy, Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स के डिलीवरी राइडर्स से की गई बातचीत कोई शिकायत नहीं, बल्कि उन मेहनती लोगों की कहानी है जो हमारी रोज़ाना की सुविधाओं को संभव बनाते हैं। यह दुखद है कि लाखों राइडर्स, जिनकी मेहनत से ये कंपनियाँ बनीं, अब अपनी आवाज़ सुनाने के लिए विरोध करने को मजबूर हैं। एल्गोरिदम से ज्यादा मानवीय पसीने ने इन्हें सफल बनाया है। कंपनियों को राइडर्स को इंसान मानकर

सम्मान देना चाहिए, न कि इस्तेमाल कर फेंकने वाली चीज़। गिग इकोनॉमी को शोषण की अर्थव्यवस्था नहीं बनने देना चाहिए।

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