हरिशंकर तिवारी की कहानी सिर्फ एक बाहुबली की कहानी नहीं है. गोरखपुर यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सफर रेलवे के ठेकों, गैंगवार और गोरखपुर के ‘हाता’ से होते हुए विधानसभा और उत्तर प्रदेश की सत्ता के गलियारों तक पहुंचा. वीरेंद्र प्रताप शाही से टकराव, गोरखपुर के गैंगवार, 1985 में जेल से विधानसभा चुनाव जीतने की कहानी, ब्राह्मण राजनीति में बढ़ता प्रभाव और अलग-अलग सरकारों में मंत्री बनने
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