तमिलनाडु की राजनीति में एक पुरानी कहावत है—’वोट चाहिए तो दिल नहीं, जनता की रसोई जीतनी होगी…’ जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव की तारीखें करीब आ रही हैं… राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर है… लेकिन इस बार का मुकाबला सिर्फ नीतियों का नहीं… बल्कि ‘निशुल्क’ यानी Freebies की उस होड़ का है… जिसने भारतीय राजनीति के पिछले सारे रिकॉर्ड्स को खतरे में डाल दिया है…इस हफ्ते जब ‘AIADMK’ की ओर
से ‘के. पलानीस्वामी’ ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया तो… उसमें घोषणाओं की ऐसी लड़ी देखने को मिली जिसने विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया… AIADMK ने इस बार एक ऐसा वादा किया है… जो सी.एन. अन्नादुरई के एक रु. में एक किलो चावल, जयललिता का मिक्सर ग्राइंडर और पंखे और करुणानिधि के टीवी देने के वादे को भी पीछे छोड़ता हुआ नजर आ रहा है… तो आइए ‘मुद्दा समझो’ के इस एपिसोड में समझते हैं… ‘AIADMK’ के घोषणा पत्र में क्या है ? और साथ में तामिलनाडु के Freebies कल्चर के बारे में भी…
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