Ground Report : बंगाल में बकरीद से पहले नए नियमों ने से हज़ारों लोगों की रोज़ी छीन ली

उनके मुताबिक, गायों को बेचना तो मुश्किल हो ही गया है, इसके ऊपर उनके चारे पर भी हर रोज करीब 500 रुपये का अतिरिक्त खर्च हो रहा है। पश्चिम बंगाल के गोरुघाट में भी गायों का बड़ा मार्केट है। वहां रोज करीब 2000 गायों की खरीद-बिक्री होती थी। बकरा ईद के समय तो यह कारोबार और ज्यादा फलता-फूलता था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। रोज की मात्रा घटकर दर्जनों गायों तक सीमित रह गई है। वहीं, खरीदने वालों की संख्या भी कम हो चुकी है।

पश्चिम बंगाल में जब से बीजेपी ने अपनी सरकार बनाई है, गौ-हत्या को लेकर नियम और ज्यादा सख्त हो चुके हैं। एनिमल्स स्लॉटर कंट्रोल एक्ट, 1950 को सख्ती से लागू किया गया है। इस वजह से पूरे बंगाल में गाय का कारोबार करना मुश्किल हो गया है।

दक्षिण 24 परगना में रहने वाले सदन घोष कहते हैं कि उनके पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने एक लोकल मनी लेंडर से 4% ब्याज पर 5 लाख रुपये का लोन लिया था। उन्हें उम्मीद थी कि 10 में से अपनी 9 गायों को बेचकर वह उस लोन को चुका देंगे, लेकिन बीजेपी की सरकार बनने के बाद स्थिति बदल गई।

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