राहुल गांधी के ‘एच-बॉम्ब’ आरोपों के एक दिन बाद, द इंडियन एक्सप्रेस ने हरियाणा के राय विधानसभा क्षेत्र में छह महिलाओं और मुरथल के एक घर की पड़ताल की, जहां 100 से अधिक वोटरों के नाम दर्ज हैं। गांधी ने ब्राजीलियन मॉडल की फोटो को वोटर सूची में 22 बार इस्तेमाल होने का दावा किया था, लेकिन जांच में वास्तविक निवासी सामने आए। ये महिलाएं असली हैं, जिनकी पहचान सही
है, लेकिन डिजिटल रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी से फोटो मिसमैच हुईं। उदाहरणस्वरूप, एक महिला की जगह गलत इमेज अपलोड हो गई, जो स्टॉक फोटो थी।मुरथल का वह घर वास्तव में एक बड़े प्लॉट पर बनी 200 से अधिक आवासीय इकाइयों का हिस्सा है, जहां साझा हाउस नंबर के कारण सभी वोटर एक ही पते पर रजिस्टर्ड हैं। निवासियों ने पुष्टि की कि वे वैध वोटर हैं और बिना किसी धांधली के मतदान कर चुके हैं। चुनाव अधिकारी मानते हैं कि बूथ लेवल पर कोई फर्जी वोटिंग नहीं हुई, लेकिन फॉर्म-6 और फॉर्म-7 के दुरुपयोग से डेटा एंट्री में मानवीय और तकनीकी चूक हुई।यह रिपोर्ट साफ करती है कि वोटर सूची में अनियमितताएं हैं—डुप्लिकेट एंट्रीज, अमान्य पते और बल्क रजिस्ट्रेशन—लेकिन ये सिस्टम की कमियों का नतीजा हैं, न कि संगठित फर्जीवाड़ा। चुनाव आयोग को डिजिटल सत्यापन मजबूत करने की जरूरत है, ताकि लोकतंत्र की नींव मजबूत हो। कुल मिलाकर, गांधी के आरोपों ने बहस छेड़ी, लेकिन जमीनी हकीकत सिस्टम सुधार की मांग करती है।
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