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आपको पता है? इन 5 तरह के बैंकिंग लेनदेन पर चुकाना पड़ता है GST

बैंक द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न ऑफर्स के लिए एक लागत आती है लेकिन ग्राहकों के बड़े हितों में शुल्क कम रखा गया है। उदाहरण के तौर पर क्रेडिट कार्ड के बकाया बिलों पर देर से भुगतान करने पर शुल्क, चेक बाउंस शुल्क, कार्डलैस कैश विदड्रॉल, कैश डिपॉजिट और एनईएफटी, आरटीजीएस के द्वारा मनी ट्रांसफर करने पर जीएसटी लगता है।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर (फाइल)

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने पहले स्पष्ट किया था कि मुफ्त बैंकिंग सेवाओं जैसे कि एटीएम से पैसे निकालना, चेकबुक जारी करना, एडीशनल क्रेडिट कार्ड्स और एटीएम के इस्तेमाल पर किसी तरह का जीएसटी या लेवी नहीं लगेगा। हालांकि, बैंक द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न ऑफर्स के लिए एक लागत आती है लेकिन ग्राहकों के बड़े हितों में शुल्क कम रखा गया है। उदाहरण के तौर पर क्रेडिट कार्ड के बकाया बिलों पर देर से भुगतान करने पर शुल्क, चेक बाउंस शुल्क, कार्डलैस कैश विदड्रॉल, कैश डिपॉजिट और एनईएफटी, आरटीजीएस के द्वारा मनी ट्रांसफर करने पर जीएसटी लगता है। यहां 5 बैंकिंग लेनदेन के बारे में बताया जा रहा है जिन पर जीएसटी चुकाना पड़ता है। 1. क्रेडिट कार्ड पर देरी से भुगतान करने पर: क्रेडिट कार्ड के बकाये का देर से भुगतान करने पर जीएसटी देना होता है। इसलिए अगर आप क्रेडिट कार्ड का बकाया देर से चुकाते हैं तो आपको उस पर जीएसटी देना होगा।

2. लोन भुगतान में चूक होने पर: अगर लोन भुगतान में चूक होने पर आपसे अतिरिक्त कर बसूला गया है तो समझ लीजिए कि इसके लिए आपको जीएसटी भी देना होगा। 3. चेक बाउंस होने पर: महाराष्ट्र में अथॉरिटी एडवांस्ड रूलिंग (एएआर) ने नियम बनाया है कि जिन ग्राहकों के चेक बाउंस होंगे उन्हें इसके लिए जीएसटी चुकाना होगा। इसलिए अगर आप इस तरह की वसूली से बचना चाहते हैं तो यह सुनिश्चित करके चलें कि आपका चेक कभी बाउंस न हो पाए। 4. एटीएम से कार्डलैस कैस विदड्रॉल और डिपॉजिट करने पर: अगर आप एटीएम से कार्डलैस विदड्रॉल और डिपॉजिट करते हैं तो आपसे जीएसटी के साथ एक अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। उदाहरण के लिए एसबीआई एटीएम से इस तरह का ट्रांजेक्शन करने पर 22 रुपये और जीएसटी लगता है।

अगर आपका लेनदेन अपर्याप्त राशि के कारण खारिज कर दिया जाता है तो आपसे 20 रुपये और जीएसटी लगेगा। इसी तरह अगर आप महीने में 3 से ज्यादा कैश डिपॉजिट करते हैं तो आपके हर ट्रांजेक्शन पर 5 रुपये और जीएसटी लगेगा। 5. अप्रवासी भारतीय को जारी की गई जीवन बीमा पॉलिसी पर: अप्रवासी भारतीय को जीवन बीमा पॉलिसी जारी करने पर जीएसटी लगता है। इस पर कर इसलिए लिया जाता है क्योंकि नॉन-रेजिडेंट एक्सटर्नल अकाउंट के जरिये प्रीमियम प्राप्त किया जाता है और भुगतान परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा के बजाय भारतीय रुपये में किया जाता है।

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