ताज़ा खबर
 

जल्दी गंदा होता है सफेद रंग, फिर भी इसी रंग की होटल में क्यों होती है चादर?

होटलों में साज-सज्जा, खाना से लेकर सुविधाएं तक समय के साथ बदल जाता है। मगर एक चीज सामान्य रहती है, जानते हैं क्या?

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

होटलों में साज-सज्जा, खाना से लेकर सुविधाएं तक समय के साथ बदल जाता है। मगर एक चीज सामान्य रहती है, जानते हैं क्या? बिस्तर की सफेद चादर। दिन के हिसाब से भले ही होटलों में चादरें बदल जाती हों, मगर उनका रंग सालों-साल वही रहता है। वह भी तब, जब सफेद रंग सबसे जल्दी गंदा होता है और सबसे ज्यादा इसी की देखभाल करनी पड़ती है। इस रंग के कपड़े व बेडशीट्स का रख-रखाव बाकी रंगों की तुलना अधिक खर्चीला होता है। फिर भी होटल के कमरों में सफेद चादरें ही मिलती हैं।

सफेद रंग शांति का प्रतीक माना जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह स्ट्रेस (तनाव) से निजात दिलाता है। लोग जब छुट्टियों पर जाते हैं तो तनाव से दूरी चाहते हैं। मुक्त होकर मजे करना चाहते हैं। आनंद भरे पलों को जीना चाहते हैं, जिससे पहले उन्हें थोड़ी शांति चाहिए होती है। होटल की सफेद चादरें उन्हें इस प्रकार की शांति दिलाने में काफी मदद करती हैं। सफेद रंग भले ही गंदा जल्दी हो, मगर इसमें गंदगी या दाग आसानी से पकड़ में आ जाते हैं। निशान कोने-कतरे में जाकर खोजने नहीं पड़ते।

सफेद चादर को साफ करना बहुत ही आसान होता है। अब आप सोच रहे होंगे कि वह कैसे। घर पर तो सफेद शर्ट साफ करते करते या तो पीलापन ले लेती है, या नील लगाने पर हल्की नीली हो जाती है। फिर होटलों में सफेद चादरों का रंग और चमक कैसे लंबे वक्त बनी रहती है। कारण है- होटल की चादरें धुली नहीं जातीं। उन्हें ब्लीच किया जाता है। ब्लीच की मदद से अधिक जिद्दी दाग छू मंतर हो जाते हैं। खास बात है कि इसके कारण रंग भी नहीं उड़ता।

यह कहानी भी है प्रचलितः होटलों में सफेद चादरों का इस्तेमाल कैसे शुरु हुआ, इसके पीछे रोचक किस्सा है। हुआ यूं था कि वेस्टर्न डिजाइनर्स नाम की कपड़े डिजाइन करने वाली कंपनी है, जिसने साल 1990 में बड़े स्तर पर सर्वे कराया। जानना चाहा कि लोग आखिर लग्जरी के नाम पर क्या पसंद करते हैं। सर्वे पूरा होने पर पता लगा कि लोग साफ-सफाई और चमक पसंद करते हैं। लोगों ने सर्वे में सबसे अधिक सफेद रंग को पसंद किया, जिसके बाद से होटलों में सफेद बेडशीट्स आम हो गईं। 1990 से पहले तक होटलों में रंग-बिरंगी चादरें इस्तेमाल होती थीं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 टॉप टिप्सः कलाई घड़ियों से करते हैं प्यार तो ऐसे रखें ख्याल
2 सड़क पर पैदल चलने वालों के लिए भी होते हैं नियम, जानें
3 मजेदार फैक्‍ट्स: ये बातें जान लेंगे तो रक्तदान से नहीं लगेगा डर
ये पढ़ा क्या?
X