क्‍या है नया वेतन कोड? यह आपके वेतन, पीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी को कैसे करेगा प्रभावित, जानें डिटेल

ईपीएफओ बोर्ड के सदस्य और भारतीय मजदूर संघ के महासचिव विरजेश उपाध्याय ने बताया कि नए श्रम कानूनों में कुछ अहम बदलाव किए जाने हैं। इससे कर्मचारियों के काम के घंटे, सालाना छुट्टियां, पेंशन, पीएफ, टेक-होम सैलरी, रिटायरमेंट जैसे कई महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर नियम लागू होने हैं।

क्‍या है नया वेतन कोड? यह आपके वेतन, पीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी को कैसे करेगा प्रभावित, जानें डिटेल (File Photo)

केंद्र सरकार ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को मिलाकर 4 नए कोड बनाए हैं। इस कोड को नए वित्तिय बोर्ड में लागू किया जाएगा। इस कोड व कानून के लागू होने से कर्मचारियों के सैलरी से लेकर ईपीएफ, पेंशन व ग्रेच्‍युटी पर प्रभाव पड़ेगा। ऐसा माना जा रहा है कि इसके लागू होने से रिटायर्डमेंट सुखद होगी। साथ ही कर्मचारियों के वेतन, घंटें व छुट्टियों में अहम बदलाव होंगे। इसके अलावा इस बिल में कई और बदलाव किए गए हैं।

ईपीएफ, वेतन, पेंशन पर फैसला संभावित
ईपीएफओ बोर्ड के सदस्य और भारतीय मजदूर संघ के महासचिव विरजेश उपाध्याय ने बताया कि नए श्रम कानूनों में कुछ अहम बदलाव किए जाने हैं। इससे कर्मचारियों के काम के घंटे, सालाना छुट्टियां, पेंशन, पीएफ, टेक-होम सैलरी, रिटायरमेंट जैसे कई महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर नियम लागू होने हैं। नए नियमों को लागू करने के लिए राज्यों की सहमति भी जरूरी है, जिस कारण इस नियम में देरी हो सकती है। हालांकि, नया वेतन कोड लागू होने से पहले ड्राफ्ट लाइन और उसी की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

छुट्टियां बढ़ाने की मांग
श्रम मंत्रालय के श्रम सुधार प्रकोष्ठ के एक अधिकारी ने खुलासा करते हुए कहा कि श्रमिक संघ ने पीएफ और वार्षिक अवकाश को लेकर मांग रखी है। संस्‍था चाहती है कि अर्जित अवकाश की सीमा 240 दिन से बढ़ाकर 300 दिन की जाए। भवन एवं निर्माण क्षेत्र, बीड़ी श्रमिकों, पत्रकारों और सिनेमा के क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियो के लिए अलग से नियम बनाए जा सकते हैं।

ईपीएफ नियमों में बदलाव
विरजेश उपाध्याय ने बताया कि सरकार की मांग है कि कर्मचारी भविष्य निधि योजना (ईपीएफ) की पात्रता 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये या कर्मचारी राज्य बीमा योजना की तरह कम से कम 21,000 रुपये की जाए। उन्‍होंने यह भी बताया कि कानूनों पर अंतिम दौर की चर्चा चल रही है। हो सकता है जल्‍द ही ये कानून लागू भी हो जाए।

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नए वेतन कोड में क्या शामिल है?
वेतन संहिता अधिनियम के अनुसार, किसी कर्मचारी का मूल वेतन कंपनी की लागत (सीटीसी) के 50% से कम नहीं हो सकता है। मौजूदा समय में कई कंपनियां बेसिक सैलरी कम कर देती हैं और अतिरिक्त भत्ते भी देती हैं ताकि कंपनी पर बोझ कम हो।

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यह होगा फायदा
जानकारों के मुताबिक अगर मूल वेतन में बढ़ोतरी से कर्मचारियों का पीएफ ज्यादा कटेगा तो उनकी टेक-होम सैलरी भले ही कम हो, लेकिन उनका भविष्य ज्यादा सुरक्षित होगा। इससे उन्हें सेवानिवृत्ति पर अधिक लाभ मिलेगा, क्योंकि भविष्य निधि (पीएफ) और मासिक ग्रेच्युटी में उनका योगदान बढ़ेगा।

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