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क्या होता है किड बैंक अकाउंट? कामकाजी महिला हैं तो जान लें इसके फायदे

बच्चों के भविष्य, पढ़ाई-लिखाई के खर्च और कामकाजी महिलाओं को ध्यान में रखते हुए बैंक जूनियर अकाउंट या फिर किड खाता खोलने की सहुलियत देते हैं।

भारतीय करंसी। (फाइल फोटो) सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस

छोटी-छोटी बचत भविष्य में हमें कई तरह के फायदे देती है। आज की गई बचत हमें आने वाले समय में आर्थिक तौर पर मजबूत करती है। बचत करने के लिए लोग बैंक में सेविंग अकाउंट खुलवा लेते है या फिर जीवन बीमा में निवेश करते हैं। कई सरकारी और निजी बैंक ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से उन्हें अलग-अलग टाइप के बचत खाता खुलवाने की सहुलियत देते हैं। इन खातों में बच्चों के नाम पर निवेश करना घर पर गुल्लक में पैसे रखने से बेहतर है क्योंकि बैंक जमा पर ब्याज भी देता है। बच्चों के भविष्य, पढ़ाई-लिखाई के खर्च और कामकाजी महिलाओं को ध्यान में रखते हुए बैंक जूनियर अकाउंट या फिर किड खाता खोलने की सहुलियत देते हैं।

ऐसे बचत खाते बच्चे के नाम से खोलें जाते हैं इससे बचपन से ही बच्चों में बचत की आदत लग जाती है। बच्चों की एजुकेशन के लिए बचत की खातिर कामकाजी महिलाएं जूनियर अकाउंट या फिर किड खाता खुलवा सकती हैं। इन खातों पर मिनिमम बैलंस की अनिवार्यता से छूट दी जाती है।

वहीं अगर आपका किसी बैंक में खाता है तो आप बच्चों के लिए अलग से सेविंग अकाउंट खुलवाकर उसमें हर महीने अपने खाते से निश्चित अमाउंट डिडक्ट करवा सकते हैं। इसे ‘स्‍टैंडिंग इंस्‍ट्रक्‍शन’ सुविधा है कहते हैं। इससे आप हर महीने की सेविंग को लेकर निश्चित हो जाती हैं।

आरबीआई के नियम के मुताबिक, अब 10 वर्ष से ज्यादा आयु वाले बच्चे भी बैंकों में बचत खाता खोल सकते हैं और चाहें तो अपने आप ही उसका संचालन भी कर सकते हैं। बच्‍चे के 18 साल के होने के बाद यह खाता निष्क्रिय हो जाता है जिसे नियमित बचत खाते में तब्दील कर दिया जाता है।

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