मोबाइल फोन के जरिए नोटों की पहचान करने का तरीका क्या है, जानें क्या है मोबाइल एडेड नोट आइडेंटिफायर

टेक्नॉलजी का इस्तेमाल कर मोबाइल फोन की के जरिए नोटों की पहचान करने का तरीका निकाला गया है। मोबाइल एडेड नोट आइडेंटिफायर (मणि) के जरिए आसानी से नोटों की पहचान की जा सकती है।

RBI, Bank, noteडिजिटल लेनदेन के साथ करेंसी नोटों भी चलन बढ़ा है।

दृष्टिबाधित लोग भारतीय करंसी नोटों की पहचान करने मोबाइल एडेड नोट आइडेंटिफायर (मणि) के जरिए कर सकते हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने इस एप को डेवलप करवाया है। दृष्टिबाधित लोग नोटों की पहचान करने में सक्षम नहीं होते ऐसे में इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए टेक्नॉलजी का इस्तेमाल कर मोबाइल फोन की के जरिए नोटों की पहचान करने का तरीका निकाला गया है। मोबाइल एडेड नोट आइडेंटिफायर (मणि) के जरिए आसानी से नोटों की पहचान की जा सकती है।

इस नि:शुल्क एप्लीकेशन को एक बार इंस्टॉल करने के बाद इन्‍टरनेट की आवश्यकता नहीं होती है। यह एप्‍लीकेशन नोट के आगे और पीछे के हिस्से की जांच करके महात्मा गांधी शृंखला तथा महात्मा गांधी शृंखला के बैंक नोटों के मूल्यवर्ग की पहचान करने में सक्षम है। इससे प्रकाश की विभिन्‍न परिस्थितियों के अंतर्गत अलग-अलग कोणों से पकड़े गए आधे मुड़े हुए नोटों की पहचान भी की जा सकती है। ऑडियो नोटिफिकेशन के जरिए नोट कितने का है, इसकी जानकारी दी जाती है।

हालांकि आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस एप के जरिए नकली और असली नोटों की पहचान नहीं की जाती। नकली नोटों से जुड़े नए-नए मामले सामने आते रहते हैं। नकली नोट हाथ लगने के बाद एक आम आदमी को पछतावे के अलावा कुछ नहीं मिलता। नोटों की पहचान के कई तरीके हैं लेकिन हर शख्स इन तरीकों से वाकिफ नहीं। यही वजह है कि नकली नोट बाजार में फैले हुए हैं और आम लोगों का इनसे सामना होता रहता है।

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