MGNREGA मजदूरों को योगी सरकार का तोहफा: बढ़ेगा मानदेय, HR पॉलिसी भी होगी लागू

राज्य सरकार ने मनरेगा संविदा कर्मचारियों का मानदेय बढ़ा दिया है, जिसमें 1590 रुपए से 3220 रुपए तक का इजाफा होगा। यह लाभ उन्हें इसी महीने (अक्टूबर) से ही मिलने लगेगा।

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साइट पर काम करता हुए मजदूर। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः पार्था पॉल)

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार ने त्यौहारी मौसम में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (MGNREGA) के तहत काम करने वाले मजदूरों को बड़ा तोहफा दिया है।

राज्य सरकार ने मनरेगा संविदा कर्मचारियों का मानदेय बढ़ा दिया है, जिसमें 1590 रुपए से 3220 रुपए तक का इजाफा होगा। यह लाभ उन्हें इसी महीने (अक्टूबर) से ही मिलने लगेगा।

सोमवार (चार अक्टूबर, 2021) को सूबे की राजधानी लखनऊ में मनरेगा सम्मेलन में सीएम योगी बोले, “प्रदेश में ग्राम रोजगार सेवकों की संख्या 35,246 है। मौजूदा समय में इन्हें 6,780 रुपए मानदेय प्राप्त हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपए करने का निर्णय लिया गया है।”

उनके मुताबिक, मनरेगा कर्मियों का बढ़ा हुआ मानदेय माह अक्टूबर, 2021 से लागू होगा। इन कर्मिचायों ने अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से ग्रामीण विकास को नयी ऊंचाइयों की ओर अग्रसर करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

41, 582 मनरेगा कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान, जानें- किनके में कितनी बढ़ोतरी?:

  • 35246 ग्राम रोजगार सेवकों का 6780 से 10 हजार रुपए
  • 4122 तकनीकी सहायकों का 12656 से बढ़ाकर 15656 रुपए
  • 574 कंप्यूटर सहायकों का 12656 से बढ़ाकर 15156 रुपए
  • 567 अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों का 31,640 से 34140 रुपए
  • 441 लेखा सहायकों का 15830 से बढ़ाकर 15156 रुपए
  • दो ऑपरेशन सहायकों का 15830 से बढ़ाकर 18320 रुपए
  • 13 हेल्पलाइन एग्जिक्यूटिव का 15,820 से बढ़ाकर 18320 रुपए
  • सात फोर्थ क्लास कर्मचारियों का 7910 से नौ हजार रुपए
  • 564 ब्लॉक सोशल कॉर्डिनेटर का 11600 रुपए से बढ़ाकर 14,100 रुपए
  • 46 जिला सोशल ऑडिट कॉर्डिनेटर का 17400 से बढ़ाकर 19900 रुपए

सीएम बोले, “अप्रैल 2020 से राज्य के संविदा कर्मचारियों के मानदेय का पेमेंट उनके अकाउंट्स में कराया जा रहा है। सूबे में अब महिला संविदा कर्मचारियों को भी 180 दिनों का मातृत्व अवकाश देने का बंदोबस्त कर दिया गया है।” योगी ने यह भी ऐलान किया कि किसी भी मनरेगा कर्मचारी को काम से हटाने के लिए उपायुक्त मनरेगा की संस्तुति जरूरी कर दी गई है।

सीएम ने इसके अलाना मनरेगा कर्मियों के हित में और भी कई योजनाओं की घोषणा की। योगी ने इस मौके पर मनरेगा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मनरेगा पर आधारित एक फिल्म भी दिखाई गई।

ऐसे में माना जा रहा है सियासी गलियारों में चर्चा है कि मनरेगा कर्मचारियों को इस तोहफे के जरिए सरकार उन्हें चुनाव को ध्यान में रखकर साधना चाहती है। यूपी में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

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