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IRCTC से टिकट बुकिंग पर मिलता है बीमा, जानिए क्‍लेम करने का क्‍या है तरीका

भारतीय रेलवे ने बीते साल रेलवे में कनर्फम और आरएसी वाले यात्रियों के लिए एक वैकल्पिक यात्रा बीमा शुरू किया था।

आईआरसीटीसी की ओर से दिया जाने वाला ट्रैवल इंश्योरेंस सिर्फ उन्हीं यात्रियों को मिलता है, जिन्होंने ऑनलाइन टिकट बुक कराई होती है। (फोटोः निर्मल हरिंदरन)

इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) अपने यात्रियों को एक्सिडेंटल इंश्योरेंस (दुर्घटना संबंधी बीमा) भी देता है। लेकिन अधिकतर लोगों को इसके बारे में पता नहीं होता है। अगर लोग इसके बारे में जानते भी हैं तो उन्हें इस पैसे को क्लेम कराना नहीं आता। ऐसे में हम आज आपको बताएंगे कि आईआरसीटी की सुविधा का कैसे लाभ लिया जा सकता है। आपको बता दें कि साल 2016 और 17 में भारतीय रेलवे के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ। देश में कई बड़े रेल हादसे हुए, बहुत लोग घायल हुए, तो कुछ की जान गई। ऐसे में रेलवे ने अपने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीमे का दावा पेश करने के लिए कई प्रावधान निकाले थे, जिसमें से एक दुर्घटना संबंधी बीमा भी है। यात्रियों को आईआरसीटीसी बीमे की सुविधा जरूर मुहैया कराता है, मगर इसके लिए भी एक शर्त है। ये सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलता है, जिन्होंने ऑनलाइन टिकट बुक कराई होती है। भारतीय रेलवे ने बीते साल रेलवे में कनर्फम और रिजर्वेशन एगेंस्ट कैंसिलेशन (आरएसी) वाले यात्रियों के लिए एक वैकल्पिक यात्रा बीमा शुरू किया था। इस वैकल्पिक बीमा का लाभ लेने के लिए आपको आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर टिकट बुक करना होगा। यह बीमा 0.92 रुपए प्रति यात्री के हिसाब से दिया जाता है।

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योजना में किसी दुर्घटना से आरक्षित यात्री के रूप में यात्रा करते समय मौत या चोट के मामले में पीड़िता या कानूनी उत्तराधिकारी को कुल आश्वासित राशि का भुगतान किया जाएगा। रिपोर्ट्स की मानें तो ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले कनफर्म और आरएसी के यात्रियों को रेलवे मुफ्त बीमा भी देती है। यह रेलवे एक्ट 1989 की धारा 123, 124 और 124ए में उल्लिखित है।

बीमे की रकम चोट पर निर्भर करती है। मौत के मामले में रेलवे दुर्घटना के शिकार हुए यात्री को 10 लाख रुपए की रकम देती है। अगर कोई यात्री हादसे में स्थाई तौर पर दिव्यांग हो जाता है तो उसे भी 10 लाख रुपए की राशि दी जाती है। रेल हादसे से स्थाई आंशिक दिव्यांगता से पीड़ित यात्री 7.5 लाख रुपए तक का दावा कर सकते हैं। चोट के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती के लिए, बीमे से कवर होने वाली रकम दो लाख रुपए है। इसके अलावा लोगों के बचे हुए अवशेषों को लाने-ले जाने के लिए आने वाले खर्च के लिए 10 हजार रुपए तक की रकम क्लेम की जा सकती है।

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