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बैंक खाताधारकों पर 1 जनवरी से इस बदलाव का पड़ने जा रहा सीधा असर, जानें क्या है

चेक जारी करने वाले ग्राहक को इलेक्ट्रानिक माध्यम से चेक में दी गई कुछ जानकारियों को दोबारा देना होगा। इसके जरिए एसएमएस, मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम के जरिए भी यह जानकारी साझा की जा सकती है।

banking sectorबैंक में खड़े ग्राहक।

चेक पेमेंट को सुरक्षित बनाने और बैंक फ्रॉड को रोकने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) 1 जनवरी से चेक के नए नियम लागू कर रही है। शीर्ष बैंक ने चेक से लेन-देन की नई व्यवस्था को ‘पॉजिटिव पे सिस्टम’ नाम दिया है। इसके तहत चेक के जरिए 50 रुपये से ज्यादा के लेन-देन पर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों की दोबारा पुष्टि की जाएगाी।

आरबीआई ने ‘पॉजिटिव पे सिस्टम’ का एलान कुछ महीने पहले ही किया था। यह एक तरह से ऑटोमेटेड फ्रॉड डिटेक्शन की व्यवस्था है। का पता लगाने वाला उपकरण है। यह चेक क्लियरिंग के दौरान चेक से संबंधित विशिष्ट जानकारियों की जांच करता है, जैसे चेक नंबर, चेक डेट, आदाता का नाम, खाता संख्या और राशि।

इसके तहत चेक जारी करने वाले ग्राहक को इलेक्ट्रानिक माध्यम से चेक में दी गई कुछ जानकारियों को दोबारा देना होगा। इसके जरिए एसएमएस, मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम के जरिए भी यह जानकारी साझा की जा सकती है। अगर जानकारियां गलत पाई जाती हैं तो जिस बैंक में चेक पेमेंट होना है और जिस बैंक के अकाउंट से चेक जारी हुआ है इस संबंध में जानकारी दी जाएगी।

चेक से जुड़े फर्जी मामलों में देखा गया है कि डुप्लीकेट चेक लगाकर खाते से निकासी कर ली जाती है। ऐसे में आरबीआई की यह सर्विस लोगों को ठगी से बचाने में मददगार साबित हो सकती है। एक ग्राहक के तौर पर आपको भी सभी जारी किए गए चेक की डिटेल्स का रिकॉर्ड रखना चाहिए। इसके साथ ही अपनी चेक बुक को किसी दूर की जगह न छोड़ना चाहिए।

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