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Post office schemes: इन दो स्कीम में उठा सकते हैं 8 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज का फायदा, जानें डिटेल्स

सुकन्या समृद्धि योजना, जो बालिका के लिए है, 8.6% रिटर्न प्रदान करती है जबकि वरिष्ठ नागरिक बचत योजना 8.4% वार्षिक ब्याज प्रदान करती है। वित्तीय योजनाकारों का कहना है कि ये रिटर्न आकर्षक हैं क्योंकि अर्थव्यवस्था में ब्याज दर लगातार गिर रही है और निकट भविष्य में इसके और गिरने की आशंका है।

Author नई दिल्ली | Updated: August 24, 2019 5:04 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर। (indian express)

Post office savings schemes, Sukanya Samriddhi and Senior Citizen Savings scheme: डाकघर की बचत योजनाएं अपनी सभी नौ छोटी बचत योजनाओं पर सबसे अच्छी ब्याज दर प्रदान करती हैं। इंडिया पोस्ट की नौ छोटी बचत योजनाओं में से, दो योजनाएँ- सुकन्या समृद्धि और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना – RBI के बेंचमार्क लेंडिंग रेट रेपो में 110 आधार अंकों की कटौती के बावजूद 8% से अधिक वार्षिक ब्याज दर प्रदान करती हैं।

सुकन्या समृद्धि योजना, जो बालिका के लिए है, 8.6% रिटर्न प्रदान करती है जबकि वरिष्ठ नागरिक बचत योजना 8.4% वार्षिक ब्याज प्रदान करती है। वित्तीय योजनाकारों का कहना है कि ये रिटर्न आकर्षक हैं क्योंकि अर्थव्यवस्था में ब्याज दर लगातार गिर रही है और निकट भविष्य में इसके और गिरने की आशंका है।

ये बातें आपको सुकन्या समृद्धि और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के बारे में जानने की आवश्यकता है:

सुकन्या समृद्धि योजना
– यह योजना भारत सरकार द्वारा जनवरी 2015 में बालिकाओं के लिए शुरू की गई थी। सरकार द्वारा समर्थित यह योजना बालिकाओं के माता-पिता को भविष्य की शिक्षा और उनकी बेटी की शादी के लिए एक कोष बनाने में मदद करती है। उच्च ब्याज दर के साथ, यह योजना माता-पिता को आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर लाभ भी प्रदान करती है, जो इस योजना के माध्यम से अपनी लड़की के लिए पैसे बचाते हैं।

– सुकन्या समृद्धि खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावकों द्वारा बालिका के नाम से खोला जा सकता है। यह खाता बालिका के जन्म से 10 वर्ष की आयु तक खोला जा सकता है। एक बालिका के नाम पर केवल एक ही खाता खोला जा सकता है। साथ ही, माता-पिता अधिकतम दो सुकन्या समृद्धि खाते खोल सकते हैं।

– सुकन्या समृद्धि खाते में हर साल न्यूनतम 1,000 रुपये जमा करने की आवश्यकता होती है, जबकि एक व्यक्ति इस खाते में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कर सकता है। एक महीने या एक वित्तीय वर्ष में जमा की संख्या की कोई सीमा नहीं है।

– सुकन्या समृद्धि खाते में पैसा जमा खाता खोलने की तारीख से 14 साल तक किया जा सकता है। इस अवधि के बाद, खाता केवल लागू दरों के अनुसार ब्याज अर्जित करेगा।

– सुकन्या समृद्धि खाता खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष पूरा होने पर परिपक्व होगा। हालांकि, यदि 21 वर्ष पूरा होने से पहले बालिका की शादी हो जाती है, तो खाते का संचालन बंद कर दिया जाएगा। उसके विवाह की तारीख से बाद खाते के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

– सुकन्या समृद्धि खाते पर दी जाने वाली ब्याज दर सरकार द्वारा तय की जाती है और हर तिमाही वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचित की जाती है।

– यदि आप एक वर्ष में न्यूनतम 1,000 रुपये जमा नहीं करते हैं तो सुकन्या समृद्धि खाता निष्क्रिय हो जाता है। हालांकि, निष्क्रिय खातों को दंड का भुगतान करके पुन: सक्रिय किया जा सकता है। उस वर्ष जमा की गई न्यूनतम राशि के साथ 50 रुपये का जुर्माना प्रति वर्ष लागू होगा।

– आप सुकन्या समृद्धि खाते के खिलाफ ऋण नहीं ले सकते।

– लेकिन बालिका के 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद एक समयपूर्व निकासी की जा सकती है। इसके तहत वित्तीय वर्ष के अंत में बचने वाली राशि का 50 प्रतिशत निकाला जा सकता है।

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना –

– 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र का व्यक्ति इस खाते हो खोल सकता है। साथ ही, 55 वर्ष या उससे अधिक, लेकिन 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति, जो सेवानिवृत्ति पर या वीआरएस के तहत भी इस शर्त के अधीन खाता खोल सकते हैं कि खाता सेवानिवृत्ति के लाभ प्राप्त होने के एक महीने के भीतर खोला गया है। साथ ही, जमा राशि सेवानिवृत्ति लाभों की मात्रा से अधिक नहीं होनी चाहिए।

– इस योजना की परिपक्वता अवधि 5 वर्ष है। परिपक्वता के बाद, खाते को परिपक्वता के एक वर्ष के भीतर निर्धारित प्रारूप से आवेदन देकर आगे के तीन वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है। इंडिया पोस्ट ने अपनी वेबसाइट में कहा कि ऐसे मामलों में, बिना किसी कटौती के एक साल की अवधि समाप्त होने के बाद किसी भी समय खाता बंद किया जा सकता है।

– इस योजना में अधिकतम 15 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं।

-इस खाते को आप समय से पहले बंद कर सकते हैं। एक साल बाद बंद करने पर जमा राशि का 1.5% काट लिया जाएगा। वहीं दो साल बाद बंद करने पर 1% कटौती होगी।

– वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर अर्जित ब्याज व्यक्ति के कर स्लैब के अनुसार आयकर के अधीन है।

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