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PPF अकाउंट मैच्योर हो जाए तो ये विकल्प हैं मौजूद, जानें क्या हैं रूल्स

पीपीएफ खाते में निवेश कर रहे लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। पर सही जानकारी न मिलने की वजह से वे असमंजस की स्थिति में ही रहते हैं।

पीपीएफ अकाउंट यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड निवेश के बेहतरीन विकल्पों में से एक माना जाता है। यह अकाउंट पोस्ट ऑफिस और बैंकों के जरिए खुलवाया जा सकता है। अगर आप अपनी मेहनत की मोटी और गाढ़ी कमाई को सुरक्षित जगह पर निवेश करने की सोच रहे हैं तो इसमें निवेश कर सकते हैं। यहां निवेश करने के कई फायदे मिलते हैं। इस स्कीम की खासियत यह है कि आप छोटी रकम का निवेश कर भविष्य में मोटी रकम हासिल कर सकते हैं।

पीपीएफ खाते में निवेश कर रहे लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। पर सही जानकारी न मिलने की वजह से वे असमंजस की स्थिति में ही रहते हैं। एक सवाल जो निवेशकों के मन में रहता है वो ये है कि पीपीएफ अकाउंट मैच्योर हो जाने पर क्या करना चाहिए या फिर मैच्योरिटी पर क्या-क्या विकल्प मौजूद रहते हैं?

नियमों के मुताबिक मैच्योरिटी पर निवेशकर्ता चाहे तो पीपीएफ में जमा पैसे को अपने सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए जिस बैंक या पोस्ट ऑफिस में पीपीएफ खाता खुलवाया गया हो वहां एक एप्लीकेशन देनी होती है।

आपको एक फॉर्म दिया जाता है जिसमें कुछ जानकारियां मांगी जाती हैं। इसके बाद आपके पीपीएफ का सारा पैसा सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता है। वहीं अगर आप खाता बंद करवाना चाहते हैं तो इसे बंद करने के लिए एक लिखित आवेदन देना होता है। इसके लिए ओरिजनल पासबुक की जरूरत होती है।

वहीं खाता मैच्योर होने पर निवेशकर्ता के पास दूसरा विकल्प होता है कि वे मैच्योरिटी के बाद भी अकाउंट जारी रख सकते हैं। पीपीएफ खाते में 15 साल की लॉक-इन अवधि होती है. यानी इसमें 15 साल से पहले पैसा नहीं निकाल सकते हैं। आप मैच्योरिटी के बाद भी बगैर कोई योगदान के आप पीपीएफ अकाउंट जारी रख सकते हैं।

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