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चाहते हैं कि मोटरसाइकिल दे “अधिक माइलेज”? ये तरीके अपनाकर सुधार सकते हैं एवरेज

गाड़ी की स्पीड में एकदम से आ जाने वाला उतार-चढ़ाव माइलेज को खासा प्रभावित करता है।

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नई दिल्ली में एक पेट्रोल पंप पर अपनी बाइक में तेल भराने के दौरान एक शख्स। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः अमित मेहरा)

मोटरसाइकिल का कम माइलेज आपको सताता है, तब आपको अपनी राइडिंग स्टाइल पर थोड़ा ध्यान देना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि गाड़ी चलाने और उसकी देख-रेख के दौरान कुछ छोटी-मोटी चीजें हैं, जिनकी मदद से आप माइलेज को बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे:

टेक एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आपको अपनी बाइक की लगातार सर्विसिंग कराते रहना चाहिए। इस मामले में टाल-मटोल नहीं करें। समय पर सर्विस में लगने वाले पैसे आपको आगे होने वाले अधिक खर्चों से बचा सकते हैं। सर्विस हर 5000 किमी गाड़ी चलने के बाद या फिर हर पांच से छह महीने बाइक चलने (अगर 5000 किमी नहीं चली है तब) के बाद करा लेनी चाहिए।

बाइक का माइलेज कार्बोरेटर की सेटिंग पर भी निर्भर करता है। जानकार बताते हैं कि अगर आप आदर्श सेटिंग कर के रखेंगे तब आप अधिक माइलेज पा सकेंगे। इंजन ऑइल भी लगातार बदलते रहना चाहिए, क्योंकि यह बाइक के अंदर के फ्रिक्शन को कम करता है। कोशिश करें कि यह तेल बढ़िया कंपनी का चुनें।

गाड़ी के टायर में पर्याप्त हवा होती है, तो अच्छा एवरेज मिलने की संभावना होती है। अगर आप इस चीज पर ध्यान नहीं देते और टायर में कम हवा है तब कम माइलेज मिलती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो इस स्थिति में माइलेज पर 10 से 20 फीसदी का फर्क पड़ता है। ऐसे में कोशिश करें कि महीने में कम से कम दो बार अपने टायर का प्रेशर चेक कराएं और हवा कम हो तो उसे गाड़ी के हिसाब से भरा लें।

पेट्रोल या फ्यूल आपकी बाइक के लिए खाने के जैसा है, इसलिए आप हमेशा उसमें बढ़िया क्वालिटी का तेल भराएं। इससे गाड़ी की लाइफ पर असर पड़ता है। आप इसके लिए चार से पांच पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरा कर देख सकते हैं और उसके बाद अपनी यात्रा को मॉनिटर कर के देखें कि आप को किस जगह के पेट्रोल से अधिक माइलेज मिला। आप इस आधार पर भी पेट्रोल भरा सकते हैं।

बार-बार गाड़ी का एक्सलरेशन बढ़ाने और घटाने के साथ ब्रेक लगाने की वजह से न सिर्फ गाड़ी के इंजन पर बल्कि उसके माइलेज पर भी खासा असर पड़ता है। ऐसे में आप एक तय रफ्तार पर गाड़ी चलाने की कोशिश करें। एकदम से बढ़ाकर एक्सलेटर न लें। यह काम धीरे-धीरे करें। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि 40 की स्पीड से गाड़ी चलाना सबसे बेहतर होता है। वैसे भी शहर, गलियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में 70-100 के बीच में गाड़ी चलाना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में 40 के आसपास ही गाड़ी चलाएं।

सही स्पीड में सही गेयर में आना भी जरूरी है। कई बार लोग पहले ही गेयर में 25-30 की स्पीड तक गाड़ी को चलाने का प्रयास करते हैं, पर यह प्रैक्टिस गलत है। लोवर गेयर पर अधिक तेज चलाने का अर्थ है कि इससे आपके इंजन पर बहुत जोर पड़ता है और माइलेज पर बहुत गिर जाता है। किस स्पीड में कौन से गेयर पर चलानी चाहिए गाड़ी? जानें:

पहला गेयर – 0-15 किमी प्रति घंटा
दूसरा गेयर – 20-25 किमी प्रति घंटा
तीसरा गेयर – 30-35 किमी प्रति घंटा
चौथा गेयर – 35 किमी प्रति घंटा के पार

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