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इन 6 तरह के खातों में नहीं है मिनिमम बैलेंस का झंझट

बचत खाता खुलवाने के बारे में सोच रहे हैं? पर उसी समय मिनिमम बैलेंस रखने की चिंता सता रही हो, तो यह खबर आपके काम की है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

बचत खाता खुलवाने के बारे में सोच रहे हैं? पर उसी समय मिनिमम बैलेंस रखने की चिंता सता रही हो, तो यह खबर आपके काम की है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ग्राहकों को कुछ ऐसे खाते ऑफर करता है, जिन पर एवरेज मंथली बैलेंस (एएमबी) का नियम लागू नहीं होता। ये खाते जीरो बैलैंस वाले अकाउंट के रूप में जाने जाते हैं। यानी इनमें न्यूनतम राशि रखने को लेकर कोई बाध्यता नहीं होती, जैसा कि अन्य खातों में होती है। बता दें कि एएमबी के नियमों पर जो खाताधारक खरे नहीं उतरते, बैंक उनसे पेनाल्टी के रूप में कुछ रकम वसूलता है। चलिए जानते हैं एसबीआई के छह बैंक खातों के बारे में, जिनमें मिनिमम बैलेंस का झंझट नहीं है-

PMJDY अकाउंटः प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) खाता राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन है। यह वहनीय तरीके से वित्तीय सेवाओं- बैंकिंग/बचत तथा जमा खाते, विप्रेषण, ऋण, बीमा, पेंशन तक पहुंच सुनिश्चित कराता है। यह खाता किसी भी बैंक शाखा अथवा व्यवसाय प्रतिनिधि (बैंक मित्र) आउटलेट में खुल सकता है। पीएमजेडीवाई खाते जीरो बैलेंस के साथ खोले जाते हैं।

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नो फ्रिल अकाउंटः ये निल या लो मिनिमम बैलेंस वाले खातों के रूप में भी जाने जाते हैं। इनमें न्यूनतम बैलेंस रखने की बाध्यता नहीं होती। यानी खाते में एक भी रुपया न होने पर इसे चालू रखा जा सकता है।

सैलरी पैकेज अकाउंटः स्टेट बैंक में कई प्रकार के सैलरी अकाउंट आते हैं, जो ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से बनाए गए हैं। स्पेशल सैलरी अकाउंट पैकेज कुछ चुनिंदा लोगों के लिए होते हैं। उनमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सुरक्षाबल, पैरामिलिट्री फोर्स, पुलिस, कॉरपोरेट और अन्य संस्थान के कर्मचारियों के खाते आते हैं। ये खाते जीरों बैलेंस वाले होते हैं।

बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट: केवाईसी पूरी कर कोई भी ये खाता खुलवा सकता है। ये खाते मुख्यतः समाज के कमजोर और पिछड़े तबकों के लिए हैं। एसबीआई के अनुसार, ये तबके आसानी से बचत कर सकें और उन पर किसी प्रकार के शुल्क भी लगें, इसलिए ये खाता उनके लिए चलाया जाता है।

पहला कदम, पहली उड़ान अकाउंटः ये दोनों ही खाते खासतौर पर बच्चों के लिए होते हैं। ये न केवल बच्चों को बचत करना सिखाते हैं, बल्कि उन्हें पैसों के महत्व से भी रू-ब-रू कराते हैं। इनमें भी मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी नहीं होता।

पेंशनर्सः भारतीय स्टेट बैंक में पेंशनर्स के खातों में भी किसी प्रकार का मिनिमम बैलेंस रखने की आवश्यक्ता नहीं होती। न ही इनमें ऐसा करने पर कोई पेनाल्टी वसूली जाती है।

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