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कार का माइलेज बढ़ाने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं, आप खुद यह कर सकते हैं, ये रहे टिप्स

अपनी ड्राइविंग हैबिट्स में मामूली सुधार करके हम खुद ही अपनी कार का माइलेज बढ़ा सकते हैं। आइए, जानते हैं ऐसी कुछ ड्राइविंग हैबिट्स के बारे में जिनसे आपकी कार की ईंधन दक्षता में काफी हद तक सुधार आ सकता है।

ये हैं कुछ आसान से टिप्स जिनकी मदद से कार के माइलेज को सुधारा जा सकता है। (file photo)

भारत में कार खरीदते वक्त ज्यादातर लोग कार की जिस खासियत पर सबसे ज्यादा ध्यान रखते हैं, वो है माइलेज। हमारी कोशिश होती है कि किसी भी तरह ड्राइविंग के दौरान पेट्रोल-डीजल बचाया जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी ड्राइविंग हैबिट्स में मामूली सुधार करके हम खुद ही अपनी कार की ईंधन दक्षता बढ़ा सकते हैं। आइए, जानते हैं ऐसी कुछ ड्राइविंग हैबिट्स के बारे में, जिनसे आपकी कार की ईंधन दक्षता में काफी हद तक सुधार आ सकता है।

स्पीड पर नियंत्रणः अधिकतर कारों को 60-80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार पर चलाने से फ्यूल की बचत होती है। इस स्पीड से ऊपर या नीचे जाने पर कार की ईंधन बचाने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है।

स्मूद ड्राइविंगः ईंधन बचाने के लिए स्मूद ड्राइविंग भी एक कारगर उपाय है। अगर आप ड्राइव करते हुए बार-बार गियर चेंज करते हैं या फिर एक्सेलेरेटर का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपकी गाड़ी के माइलेज पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए अगर माइलेज चाहिए तो स्मूद ड्राइविंग करना समझदारी है।

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गियर का सही इस्तेमालः कई लोग ड्राइविंग करते वक्त लो गियर का इस्तेमाल कम करते हैं, जिस कारण कई बार गाड़ियों के इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में, अगर लंबे समय तक इसी तरह गियरों का सही इस्तेमाल किए बिना ड्राइविंग की जाए तो कार की ईंधन दक्षता पर बुरा असर पड़ता है।

ट्रैफिक लाइट्स पर इंजन बंदः एक सामान्य नियम है कि जब भी ट्रैफिक पर रेड लाइट को देखें तो इंजन बंद कर दें। लेकिन अगर रेड लाइट्स 30 सेकंड से ज्यादा की है तभी इंजन बंद करें, वरना आपकी कार ज्यादा ईंधन खर्च करेगी। दरअसल, कार स्टार्ट होने में ज्यादा ईंधन खर्च करती है। इसलिए 30 सेकंड से कम की रेड लाइट पर कार का इंजन बंद नहीं करें। साथ ही, कार में एसी का इस्तेमाल भी जरूरत पड़ने पर ही करें, क्योंकि एसी काफी ज्यादा पावर और ईंधन लेता है।

कार की सर्विस समय पर कराएं- यदि कार की सर्विस समय पर नहीं करायी जाए तो इसका असर कार के माइलेज पर पड़ता है। कार के एयर फिल्टर, फ्यूल फिल्टर और स्पार्क प्लग को समय-समय पर चेक कराते रहें। इससे कार के माइलेज में 20 प्रतिशत तक का सुधार हो सकता है।

कार को हल्का रखें– अगर आप कार को हल्का रखते हैं और उसमें ज्यादा सामान नहीं भरते हैं तो इसका फायदा माइलेज में मिलता है। इसके साथ ही पेट्रोल भरवाने के बाद टंकी के ढक्कन को टाइट बंद करना भी जरूरी है, वरना पेट्रोल या गैस लीक होती रहेगी और इसका सीधा असर माइलेज पर पड़ेगा।

सही फ्यूल का इस्तेमाल– कई लोग माइलेज बढ़ाने के लिए अच्छी क्वालिटी के पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई कारों में हाई क्वालिटी के ईंधन सही से काम ही नहीं कर पाते, क्योंकि ये कारें इस तरह के ईंधन के लिए डिजाइन ही नहीं की गई हैं। ऐसे में, सही फ्यूल का चुनाव आपकी जेब के साथ साथ कार के इंजन के लिए भी फायदेमंद होगा।

उपरोक्त बातों के अलावा अगर आप प्लानिंग करके चलेंगे और कारों का सुनियोजित इस्तेमाल करेंगे, तो सही माइलेज मिल सकता है। निजी कारों के बजाए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे और अपनी कार को पार्क करते वक्त रिवर्स खड़ा करेंगे तो भी आप अपनी कार का ईंधन बचा सकते हैं। इससे ना सिर्फ कार की लाइफ बढ़ेगी, बल्कि आपको बचत भी ज्यादा होगी।

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