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बहुत काम के हैं ये 7 सरकारी ऐप, मोबाइल में जरूर करें इंस्टॉल

गूगल के प्ले स्टोर और एप्पल के ऐप स्टोर पर ऐसे ही कुछ और भी सरकारी मोबाइल ऐप्स हैं, जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को और भी आसान बना सकते हैं।...तो आइए जानते हैं उनके बारे में।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः फेसबुक)

डिजिटल इंडिया मिशन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार समय-समय पर मोबाइल ऐप्लीकेशंस लाती रहती है। हाल ही में सरकार ने पासपोर्ट सेवा ऐप (mPassport Seva) को लॉन्च किया था, जिससे कोई भी भारतीय देश के किसी भी हिस्से से नया पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन कर सकता है। चुनाव आयोग ने इससे पहले एक ऐप पेश किया था, जिसका नाम सी विजिल (cVigil) है।

लोगों को इस ऐप सुविधा दी गई कि वे चुनाव के दौरान दिए जाने वाले भड़काऊ भाषण व अवैध गतिविधियों के फोटो और वीडियो भेजकर शिकायत कर सकते हैं। गूगल के प्ले स्टोर और एप्पल के ऐप स्टोर पर ऐसे ही कुछ और भी सरकारी मोबाइल ऐप्स हैं, जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को और भी आसान बना सकते
हैं।…तो आइए जानते हैं उनके बारे में।

उमंगः UMANG यानी यूनाइटेड मोबाइल ऐप्लीकेशन फॉर न्यू ऐज गर्वनेंस। खास बात है कि सभी सरकारी विभागों और उनकी सेवाएं इस एक ऐप पर यूजर को मिल जाती हैं। मसलन ‘आधार’, ‘डिजी लॉकर’ और ‘पे गॉव’ जैसी डिजिटल इंडिया वाली सेवाएं इस प्लैटफॉर्म पर मिलती हैं। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और नेशनल ई-गर्वनेंस डिविजन ने इसे मिलकर बनाया है।

BHIM: भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) ऐप यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) आधारित ऐप है। यह डिजिटल लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यूपीआई पेमेंट एड्रेस, फोन नंबर और क्यूआर कोड्स इस्तेमाल कर के यूजर्स किसी को भी पैसे भेज सकते हैं और उनसे रुपए मंगा सकते हैं। सभी प्रमुख बैंक यूपीआई से जुड़े हैं, ताकि आसानी से पैसों का लेन-देन हो सके।

M-Kavach: जैसा कि इस ऐप का नाम है, वैसा ही इसका काम है। केवल एंड्रॉयड प्लैटफॉर्म पर मौजूद कवच आपके मोबाइल में आने वाली समस्याओं से बचा कर रखेगी। उदाहरण के लिए आप इसके जरिए स्पाम एसएमएस और अज्ञात नंबरों से आने वाली फोन कॉल्स को ब्लॉक कर सकते हैं।
इंडियन पुलिस

IRCTC: यह सरकार की सबसे प्रचलित मोबाइल ऐप्स में से एक है। इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) यूजर को रेल टिकटें ऑनलाइन बुक करने का विकल्प देती है। ऐप में आईआरसीटीसी का ई-वॉलेट भी मिलता है, जिसकी मदद से ट्रांजैक्शन तेज और आसानी से हो जाते हैं।

eपाठशालाः इस ऐप के जरिए छात्र और शिक्षक मोबाइल फोन, टैबलेट्स और कंप्यूटरों पर ई-बुक्स को आसानी से पढ़ सकते हैं। आप अपनी डिवाइस की स्टोरेज के हिसाब से इस पर ई-बुक्स को रख सकते हैं। मानव संसाधन और विकास मंत्रालय और नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेश्नल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने मिलकर ये ऐप तैयार किया है।

एम आधारः यह भी बड़े काम का ऐप्लीकेशन माना जाता है। यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) का यह ऐप लोगों को उनके स्मार्टफोन पर आधार कार्ड रखने का विकल्प देता है। ऐप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए यूजर्स ई-केवाईसी की जानकारी किसी भी सेवा प्रदाता को कहीं भी पहुंचा सकते हैं। यूजर क्यूआर कोड के जरिए भी अपने आधार की प्रोफाइल को देख सकते हैं।

इंडियन पुलिसः सुरक्षा और मदद के लिहाज से यह ऐप भी बड़े काम की है। लोग इसके जरिए नजदीकी पुलिस थाने के बारे में पता लगा सकते हैं। यही नहीं, ऐप यह भी बताता है कि यूजर की लोकेशन से कैसे उस थाने तक कितनी देर में पहुंचा जा सकता है। ऐप पर जिला कंट्रोल रूम और एसपी दफ्तर का नंबर भी दर्शाता है।

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